आगरा। इंसाफ की राह पर निकली एक पीड़िता को एक अधिवक्ता ने ही फिर से दर्द दिया। सामूहिक दुष्कर्म के पुराने मामले में समझौता कराने का झांसा देकर अधिवक्ता ने पीड़िता से अस्मत का सौदा करने की कोशिश की और होटल में उसके साथ दुष्कर्म किया। मामला सामने आने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की, लेकिन गिरफ्तारी के दौरान आरोपी अधिवक्ता छत से कूद गया, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए।
पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस ने गहन जांच शुरू कर दी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है, और आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ रही है।
होटल में बुलाकर किया दुष्कर्म
औरैया की रहने वाली पीड़िता ने वर्ष 2022 में एत्मादपुर थाने में सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। शुक्रवार को उसने आरोप लगाया कि प्रतिवादी पक्ष के अधिवक्ता जितेंद्र सिंह (निवासी ट्रांसयमुना) ने उसे समझौते के बहाने होटल में बुलाया और दुष्कर्म किया।
युवती के अनुसार, अधिवक्ता ने उसे कोर्ट की तारीखों से राहत दिलाने और समझौता कराने का झांसा दिया। वह गाड़ी से उसे कुबेरपुर ले गया, रास्ते में बीयर पिलाई और एक आरोपी से मिलाया, लेकिन समझौता नहीं हुआ। इसके बाद अधिवक्ता ने उसे ताज रायल होटल में रुकने का प्रबंध कराया।
रात में अधिवक्ता दोबारा होटल लौटा और केस पर बात करने के बहाने कमरे में घुस गया। युवती का आरोप है कि उसने दरवाजा खोलते ही जबरन पकड़ लिया और दुष्कर्म किया। किसी तरह वह कमरे से बाहर निकलकर छिप गई और अगली सुबह थाने जाकर शिकायत दर्ज कराई।
दबिश में कूदा आरोपी, दोनों पैर टूटे
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने अधिवक्ता की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। गिरफ्तारी के डर से वह छत से कूद गया, जिससे उसके दोनों पैर टूट गए। पुलिस ने उसे एसएन मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया और वहीं से उसका रिमांड लिया गया।
होटल के रजिस्टर और सीसीटीवी फुटेज में अधिवक्ता की मौजूदगी की पुष्टि हुई है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम के साथ सभी साक्ष्य जब्त कर लिए हैं।
लुटेरी दुल्हन मामले से भी जुड़ा नाम
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिवक्ता का भाई पहले ‘लुटेरी दुल्हन’ मामले में जेल जा चुका है। उसी ने पीड़िता की शादी एत्माद्दौला क्षेत्र के युवक से कराई थी, जिसमें दुल्हन शादी की रात ही नशीला पदार्थ खिलाकर जेवर लेकर फरार हो गई थी।
यह पूरा मामला न केवल न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो अपने पेशे का दुरुपयोग कर पीड़ितों के विश्वास से खिलवाड़ करते हैं








