दक्षिण दिल्ली के भाटी क्षेत्र, थाना मैदान गढ़ी से एक गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि फॉर्म नंबर 9.C, मदर टेरेसा स्कीम, राधे फार्म में कथित रूप से फर्जी परमिशन के सहारे रात के अंधेरे में अवैध बोरिंग कराई जा रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ क्षेत्र की जनता पानी की भारी किल्लत से जूझ रही है, वहीं दूसरी ओर फार्महाउसों में धड़ल्ले से बोरिंग कर भूजल निकाला जा रहा है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि 112 पर शिकायत करने के बावजूद मशीन नहीं रुकी। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इमरजेंसी कॉल के बाद भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और बोरिंग का काम लगातार जारी रहा।
इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि जल माफिया और संबंधित लोगों को संरक्षण मिल रहा है, जिसके कारण शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो, फर्जी परमिशन की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
अब बड़ा सवाल—
जब 112 पर शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे?







