UP Rain Crisis: यूपी में मानसून के अंतिम दौर ने मचाई तबाही, 56 लोगों की मौत और भारी तबाही का अलर्ट

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उत्तर प्रदेश में मानसून के अंतिम दौर ने भयानक तबाही मचाई है। राहत आयुक्त कार्यालय के अनुसार, महज 48 घंटों के भीतर राज्य में 97.6 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो इस अवधि की औसत बारिश से कई गुना ज्यादा है। इस प्राकृतिक आपदा के कारण राज्य भर में 56 लोगों की जान जा चुकी है और 46 लोग घायल हुए हैं। इसके साथ ही 1,020 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं और 107 मवेशियों की मौत हुई है। प्रदेश के 75 में से 56 जिले इस अति-वृष्टि से गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, जहां फर्रूखाबाद, कन्नौज और शाहजहांपुर जैसे जिलों में सामान्य से कई हजार फीसदी अधिक बारिश दर्ज की गई।

आखिर क्यों हुई उत्तर प्रदेश में ऐसी विनाशकारी तबाही

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस अप्रत्याशित तबाही का मुख्य कारण दो मौसमी प्रणालियों का दुर्लभ टकराव रहा। बंगाल की खाड़ी से उठा गहरा डिप्रेशन और भूमध्यसागरीय क्षेत्र से आया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस एक साथ टकरा गए, जिससे मध्य यूपी और तराई इलाकों में रिकॉर्डतोड़ बारिश हुई। 20 से 24 घंटे तक लगातार हुई बारिश के कारण मिट्टी के घर, पुरानी दीवारें और बाउंड्री वॉल गिर गईं, जिससे सबसे ज्यादा जनहानि हुई। तेज हवाओं और वज्रपात के कारण भी कई लोग और मवेशी इसकी चपेट में आ गए। जलवायु परिवर्तन के चलते अब मानसून के ढलने के दौरान भी ऐसे विनाशकारी स्पेल देखने को मिल रहे हैं।

ओडिशा में महानदी का जलस्तर बढ़ा, निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

उत्तर और मध्य भारत में हो रही इस भीषण बारिश का असर पड़ोसी राज्य ओडिशा में भी साफ दिखाई दे रहा है। महानदी नदी प्रणाली में पानी का बहाव बेहद तेजी से बढ़ गया है, जिससे निचले इलाकों के जलमग्न होने का खतरा पैदा हो गया है। खुर्दा, कटक, पूरी और जगतसिंहपुर जैसे जिलों में अलर्ट स्थिति है। इसके साथ ही लूना, काठाजोड़ी, बैतरणी और सुवर्णरेखा समेत कई प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है।

उत्तराखंड में गंगा का रौद्र रूप, ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग पर रोक

पहाड़ों पर लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के चलते उत्तराखंड में भी नदियां उफान पर हैं। ऋषिकेश के मुनि-की-रेती के पास गंगा नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है। यात्रियों और पर्यटकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने गंगा में रिवर राफ्टिंग की गतिविधियों को अनिश्चितकाल के लिए रोक दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मौसम सामान्य होने और नदियों का जलस्तर घटने के बाद ही राफ्टिंग को दोबारा शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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