नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव को लेकर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष में “बहुत जल्द जीत” हासिल कर सकता है। साथ ही, उन्होंने नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान के खिलाफ दोबारा सैन्य कार्रवाई की संभावना से भी इनकार नहीं किया।
‘बहुत जल्द जीतेंगे’
रविवार को प्रेसिडेंट्स कप के दौरान फॉक्स न्यूज से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान के साथ चल रहा युद्ध जल्द खत्म होगा। उन्होंने यह भी कहा कि संघर्ष खत्म होने के बाद तेल की कीमतों में गिरावट आ सकती है।
ट्रंप के मुताबिक, अमेरिका का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है। उन्होंने दावा किया कि सैन्य और आर्थिक दोनों मोर्चों पर अमेरिका दबाव बना रहा है।
मिडटर्म चुनाव से पहले हमले का सवाल
ट्रंप से जब पूछा गया कि क्या नवंबर के अमेरिकी मध्यावधि चुनावों से पहले ईरान पर फिर से सैन्य हमला हो सकता है, तो उन्होंने इस संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया। उन्होंने इसे संभावित विकल्प बताया, हालांकि साथ ही कहा कि वह इस बारे में कोई स्पष्ट घोषणा नहीं करना चाहते।
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नवंबर में होने हैं और ईरान युद्ध पहले से ही अमेरिकी राजनीति और ऊर्जा कीमतों को प्रभावित करने वाला मुद्दा बना हुआ है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, युद्ध के कारण तेल और ईंधन की कीमतों को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
ईरान के साथ बातचीत पर भी नजर
इस बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक प्रयास भी चल रहे हैं। रॉयटर्स के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने और संघर्ष को समाप्त करने को लेकर चरणबद्ध समझौते पर बातचीत की कोशिश हुई थी। हालांकि, ट्रंप ने ईरान के एक प्रस्ताव को खारिज कर दिया।
ट्रंप इससे पहले भी कह चुके हैं कि ईरान के साथ युद्ध का अंत मिडटर्म चुनावों के बाद हो सकता है। वहीं, तेहरान की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि वह लंबे संघर्ष के लिए तैयार है और साथ ही कूटनीति का रास्ता खुला रखने की बात कह रहा है।
तेल की कीमतों पर पड़ सकता है असर
ईरान-अमेरिका संघर्ष का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर भी दिखाई दे रहा है। खासकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम पर बाजार की नजर है, क्योंकि यह वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। तनाव बढ़ने की स्थिति में कच्चे तेल की कीमतों में फिर तेजी आने की आशंका बाजार में बनी हुई है।
फिलहाल ट्रंप के ताजा बयान से यह साफ है कि मिडटर्म चुनावों से पहले ईरान पर संभावित अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का विकल्प खुला हुआ है, लेकिन किसी नए हमले की निश्चित घोषणा नहीं की गई है।







