दिनांक 21.10.2025 रात 11:40 बजे, मरीज किरण तंवर को एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, फरीदाबाद में हाई ब्लड प्रेशर और शुगर की वजह से एडमिट किया गया था। उनका इलाज सीनियर डॉक्टर बनवारी लाल कर रहे थे।
इलाज के दौरान अनियमितता
मरीज का कहना है कि 21 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक उन्हें उल्टी-सीधी दवाइयाँ दी गईं और बड़े-बड़े टेस्ट कराए गए, जबकि वास्तविक इलाज में लापरवाही बरती गई। मरीज को लगातार उतार-चढ़ाव वाली दवाइयाँ दी जाती रही, जिससे उनकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ।
गंभीर स्थिति और रात भर की अनदेखी
मरीज ने बताया कि कल रात उनका बीपी 180 तक पहुँच गया, लेकिन उन्होंने कई बार सिस्टर को बुलाया, फिर भी उन्हें कोई दवा नहीं दी गई और न ही किसी डॉक्टर को बुलाया गया। सीनियर डॉक्टर बनवारी लाल को भी इस दौरान नहीं बुलाया गया। मरीज पूरी रात हाई बीपी की स्थिति में तड़पते रहे।
सुबह हुई प्रतिक्रिया और डिस्चार्ज
आज सुबह जब मरीज ने सीनियर डॉक्टर बनवारी लाल को पूरी रात की स्थिति बताई, तो डॉक्टर ने कहा कि “हम ऐसे इलाज करते हैं, आप यहाँ से जाइए।” इसके बाद मरीज को 10:50 बजे डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन अभी तक उनका बिल नहीं बनाया गया। मरीज का कहना है कि अस्पताल जानबूझकर बिल बनाने में देरी कर रहा है।
मरीज की शिकायत और कानूनी कार्रवाई की मांग
मरीज ने स्पष्ट किया कि अगर एशियन हॉस्पिटल की लापरवाही से उन्हें कोई स्वास्थ्य संबंधी परेशानी आती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल और डॉक्टर की होगी। उन्होंने अस्पताल और डॉक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है और तुरंत छुट्टी देकर अन्य अस्पताल में इलाज की अनुमति देने की अपील की है।








