नई दिल्ली। Special Intensive Revision (SIR) को लेकर चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची पर जारी राजनीतिक विवाद के बीच मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को लेकर विपक्षी दलों की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी इस मुद्दे पर अपना विरोध तेज करते हुए 2 अक्टूबर, गांधी जयंती के दिन जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया है।
भारतीय निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें मुख्य चुनाव आयुक्त के रूप में पदभार संभाला था।
SIR को लेकर विपक्ष के सवाल
मतदाता सूचियों के Special Intensive Revision (SIR) को लेकर पिछले दिनों राजनीतिक बहस तेज हुई है। विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सवाल उठाए हैं।
इसी बीच कुछ संगठनों ने CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी उठाई है। हालिया रिपोर्टों के अनुसार Cockroach Janta Party (CJP) ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए 48 घंटे की समयसीमा और आगे देशव्यापी विरोध की चेतावनी दी थी।
वहीं, चुनाव आयोग ने अपने स्तर पर आयोग के भीतर किसी तरह के संस्थागत टूट की धारणा को खारिज किया है और कहा है कि SIR से जुड़े फैसलों को सभी तीन चुनाव आयुक्तों की मंजूरी प्राप्त थी।
AAP ने 2 अक्टूबर को जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया
आम आदमी पार्टी ने इस मुद्दे पर दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी की है। पार्टी के दिल्ली संयोजक सौरभ भारद्वाज ने कार्यकर्ताओं और समर्थकों से 2 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे जंतर-मंतर पहुंचने का आह्वान किया है।
AAP की ओर से इसे SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर विरोध दर्ज कराने के कार्यक्रम के रूप में पेश किया जा रहा है। गांधी जयंती के दिन होने वाले इस कार्यक्रम को लेकर पार्टी कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
अरविंद केजरीवाल ने PM मोदी को लेकर किया पोस्ट
इसी राजनीतिक घटनाक्रम के बीच AAP के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक वीडियो साझा किया।
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित करते हुए लिखा कि वह उन्हें बताते हैं कि Gen Z से कैसे जुड़ा जा सकता है, लेकिन उनके अनुसार प्रधानमंत्री ऐसा नहीं करेंगे। यह टिप्पणी युवा पीढ़ी के साथ राजनीतिक संवाद और सोशल मीडिया के जरिए जुड़ाव को लेकर की गई है।
Gen Z यानी युवा पीढ़ी तक राजनीतिक दलों की पहुंच हाल के महीनों में चर्चा का विषय रही है। युवाओं के बीच रोजगार, शिक्षा, डिजिटल संवाद और राजनीतिक भागीदारी जैसे मुद्दे लगातार राजनीतिक विमर्श का हिस्सा बन रहे हैं।
चुनाव आयोग की भूमिका पर बढ़ी राजनीतिक बहस
SIR विवाद के बीच चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच बहस तेज हुई है। विपक्ष की ओर से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, जबकि चुनाव आयोग संवैधानिक संस्था के रूप में चुनावी प्रक्रिया के संचालन की जिम्मेदारी निभाता है।
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार चुनाव आयोग लोकसभा, राज्यसभा, राज्य विधानसभाओं तथा राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के चुनावों के संचालन के लिए जिम्मेदार संवैधानिक प्राधिकरण है।
2 अक्टूबर के प्रदर्शन पर सबकी नजर
AAP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के ऐलान के बाद अब 2 अक्टूबर का दिन इस राजनीतिक विवाद के लिहाज से महत्वपूर्ण हो गया है। पार्टी का कहना है कि प्रदर्शन के जरिए SIR और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों को उठाया जाएगा।
दूसरी ओर, CEC के इस्तीफे की मांग और SIR को लेकर अलग-अलग राजनीतिक एवं सामाजिक संगठनों के विरोध के बीच चुनाव आयोग की ओर से सामने आने वाली प्रतिक्रियाओं पर भी नजर रहेगी।
क्या है SIR?
Special Intensive Revision (SIR) मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है। इसके तहत मतदाता सूची की समीक्षा और पात्र मतदाताओं के रिकॉर्ड को अपडेट करने की प्रक्रिया की जाती है। इसी प्रक्रिया को लेकर वर्तमान में राजनीतिक विवाद चल रहा है।








