असोला में पेड़ों की कटाई का आरोप, स्थानीय लोगों में रोष

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दक्षिण दिल्ली के थाना मैदानगढ़ी क्षेत्र से पर्यावरण को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार खसरा नंबर 1510, असोला, गुरुजी आश्रम के पीछे बने एक छोटे मंदिर के पास हरे-भरे पेड़ों को काटे जाने का आरोप लगाया गया है। इस घटना के सामने आने के बाद स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों में नाराज़गी देखी जा रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इलाके में लंबे समय से मौजूद कई पेड़ अचानक काटे जा रहे हैं। उनका आरोप है कि यह कार्य बिना स्पष्ट अनुमति या वैधानिक प्रक्रिया के किया जा रहा है। लोगों का कहना है कि पेड़ केवल हरियाली का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि क्षेत्र के पर्यावरणीय संतुलन, स्वच्छ हवा और जैव विविधता के लिए भी बेहद महत्वपूर्ण हैं।

निवासियों के अनुसार, असोला और आसपास का क्षेत्र पहले से ही प्राकृतिक हरियाली के लिए जाना जाता है। ऐसे में बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई होने से पर्यावरण पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। बढ़ते प्रदूषण और गर्मी के बीच पेड़ों की कटाई को लेकर लोगों की चिंता और बढ़ गई है।

स्थानीय नागरिकों ने संबंधित प्रशासन, वन विभाग और पुलिस से मांग की है कि मामले की तत्काल जांच कराई जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि पेड़ों की कटाई के लिए आवश्यक अनुमति ली गई थी या नहीं। यदि कोई अवैध गतिविधि सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

पर्यावरण कार्यकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली जैसे महानगर में हर पेड़ की अहमियत बढ़ जाती है। लगातार घटती हरियाली और बढ़ते निर्माण कार्यों के बीच पेड़ों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।

फिलहाल स्थानीय लोग प्रशासन से त्वरित हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं ताकि क्षेत्र की बची हुई हरियाली को सुरक्षित रखा जा सके।

Kinni Times
Author: Kinni Times