भाटी गांव में फर्जी परमिशन के सहारे अवैध बोरिंग का खेल? जल माफिया पर गंभीर आरोप

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दक्षिण दिल्ली के भाटी गांव, थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां फॉर्म नंबर CN 13, बलराज तंवर स्कीम मदर टेरेसा इलाके में कथित रूप से फर्जी परमिशन के आधार पर अवैध बोरिंग कराए जाने के आरोप लगे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि एक तरफ गांव की जनता पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रही है। आरोप है कि पाइपलाइन से केवल लगभग एक घंटे ही पानी आता है, जिससे लोगों की दैनिक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं। महिलाओं और बुजुर्गों को पानी के लिए भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

वहीं दूसरी ओर, क्षेत्र में जल माफिया के सक्रिय होने के आरोप लगाए जा रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि पुलिस और प्रशासन की कथित मिलीभगत से अब तक करीब 500 अवैध बोरिंग फार्महाउसों में कराई जा चुकी हैं। आरोप है कि इन बोरिंग के जरिए धन्ना सेठों के फार्महाउस, स्विमिंग पूल, कोठियों और बंगलों में कमर्शियल उपयोग के लिए पानी सप्लाई किया जा रहा है।

ग्रामीणों ने मांग उठाई है कि जिन परमिशन के आधार पर बोरिंग कराई जा रही है, उनकी गहन जांच की जाए। यह भी जांच हो कि परमिशन किन तथ्यों और नियमों के आधार पर जारी की गई। लोगों का सवाल है कि जब फार्महाउसों को बोरिंग की अनुमति दी जा सकती है, तो गांव के आम नागरिकों को पानी जैसी बुनियादी जरूरत के लिए अनुमति क्यों नहीं?

स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध बोरिंग पर तत्काल रोक, फर्जी परमिशन की जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

अब बड़ा सवाल यह है—
जब गांव प्यासा है, तो आखिर पानी किसके लिए बहाया जा रहा है?

जल ही जीवन है परंतु केवल धन्ना सेठ फार्म हाउसों के लिए है आम जनता के लिए नहीं।

Kinni Times
Author: Kinni Times