नई दिल्ली। लोक निर्माण विभाग (PWD) के साउथ रोड-1 (M-441) डिवीजन के तहत वर्ष 2025-26 एवं 2026-27 में विभिन्न सड़कों के रखरखाव से जुड़े कार्यों को लेकर सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत विस्तृत जानकारी मांगी गई है। आवेदन में ड्रेनों की डीसिल्टिंग, स्थायी पंप हाउसों के संचालन-रखरखाव, सब-स्टेशन और डीजी सेट के समग्र रखरखाव (सिविल व इलेक्ट्रिकल कार्य) से संबंधित 30 बिंदुओं पर प्रमाणित प्रतियां मांगी गई हैं।
यह आवेदन लोक सूचना अधिकारी, कार्यकारी अभियंता, साउथ रोड-1 (M-441), लोक निर्माण विभाग, सुखदेव विहार को संबोधित है। इसमें कार्य की स्वीकृति, माप पुस्तिका, अवार्ड लेटर, नोटशीट, रोड-वार प्रगति रिपोर्ट, GPS युक्त फोटो-वीडियो, मशीनरी की तैनाती और पेनल्टी विवरण सहित कई तकनीकी और प्रशासनिक जानकारियां मांगी गई हैं।
मुख्य बिंदु जिन पर सूचना मांगी गई:
कार्यकारी अभियंता, सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं के नाम
माप पुस्तिका (Measurement Book) व तकनीकी स्वीकृति की प्रतियां
एजेंसी द्वारा जमा पात्रता दस्तावेज
NIT की शर्तों के अनुसार BS-VI सुपर सकर मशीन व अन्य मशीनरी के RC, बीमा, फिटनेस, प्रदूषण प्रमाणपत्र, लॉगबुक व तैनाती विवरण
मशीन उपलब्ध न कराने पर ₹1,20,000 प्रतिदिन की रिकवरी का विवरण
ब्लैकलिस्टिंग, पेनल्टी और विभागीय कार्रवाई का रिकॉर्ड
RWA/मार्केट एसोसिएशन से प्राप्त पुष्टि पत्र
श्रमिकों के ESI/EPFO, वेतन भुगतान और सुरक्षा उपकरण संबंधी दस्तावेज
स्वीकृत डंपिंग ग्राउंड पर सिल्ट निस्तारण की रसीदें
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि यदि सूचना संबंधित कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है तो उसे सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 6(3) के तहत संबंधित प्राधिकारी को प्रेषित किया जाए।
सूचना निर्धारित समयसीमा में उपलब्ध न कराए जाने या असत्य पाए जाने की स्थिति में प्रथम अपीलीय प्राधिकारी का विवरण भी मांगा गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इतने व्यापक स्तर पर मांगी गई जानकारी से विभागीय कार्यों की पारदर्शिता, मशीनरी की वास्तविक तैनाती, भुगतान और गुणवत्ता नियंत्रण की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। अब देखना यह है कि विभाग नियमानुसार निर्धारित अवधि के भीतर पूरी सूचना उपलब्ध कराता है या नहीं।







