पिछले कुछ महीनों से सोने और चांदी के दामों में लगातार तेजी देखने को मिल रही थी, लेकिन बीते दो दिनों में आई अचानक गिरावट ने कानपुर के सराफा बाजार को हिला कर रख दिया है। खासतौर पर चांदी की कीमतों में आई तेज गिरावट से छोटे कारोबारियों को बड़ा नुकसान झेलना पड़ा है। हालात ऐसे हैं कि पिछले दो दिनों से सराफा बाजार में कारोबार लगभग ठप हो गया है।
सराफा कारोबारी अब रविवार को पेश होने वाले केंद्रीय बजट की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं। माना जा रहा है कि बजट में सोने-चांदी पर लगने वाली आयात शुल्क (कस्टम ड्यूटी) को लेकर कोई अहम घोषणा हो सकती है। रविवार को कानपुर का सराफा बाजार बंद रहेगा, ऐसे में अब अगला कारोबार सोमवार को ही शुरू होगा।
बाजार में बीते दो दिनों से गहरा सन्नाटा पसरा हुआ है। हालांकि कारोबारियों को चांदी के दामों में गिरावट की आशंका थी, लेकिन 25 फीसदी से ज्यादा की टूट की किसी ने कल्पना नहीं की थी। चांदी की कीमतों में गिरावट का असर वायदा कारोबार पर भी पड़ा है और शनिवार को चांदी का फ्यूचर ट्रेड लगभग पूरी तरह ठप रहा। सोने के भाव में भी नरमी आई है, लेकिन सबसे ज्यादा मार चांदी के दाम टूटने से पड़ी है।
आंकड़ों पर नजर डालें तो गुरुवार 29 जनवरी को चांदी का भाव करीब 4 लाख रुपये प्रति किलो था। शुक्रवार को यह घटकर 3 लाख 50 हजार रुपये पर आ गया और शनिवार को और टूटते हुए 3 लाख 2 हजार रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया। बाजार जानकारों के मुताबिक शनिवार शाम को कुछ सौदे 2 लाख 95 हजार रुपये प्रति किलो तक भी हुए। यानी सिर्फ दो दिनों में चांदी करीब एक लाख रुपये प्रति किलो सस्ती हो गई।
कल्याणपुर के एक सराफा व्यापारी के अनुसार सहालग (शादी-विवाह का सीजन) शुरू होने से पहले बाजार में नए ऑर्डर आ रहे थे। ऐसे में छोटे व्यापारी नयागंज और बिरहाना रोड के बुलियन बाजार से खरीदारी कर रहे थे। जिन्होंने हाल ही में ऊंचे दामों पर सौदे किए थे, उन्हें इस गिरावट से भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
कानपुर सराफा कमेटी नयागंज के संरक्षक रामकिशोर मिश्रा का कहना है कि बाजार में जारी उथल-पुथल से छोटे कारोबारियों की परेशानी सबसे ज्यादा बढ़ी है। अब सभी की निगाहें बजट पर टिकी हैं, क्योंकि सोने-चांदी के आयात पर लगने वाली कस्टम ड्यूटी में बदलाव से बाजार की दिशा तय हो सकती है। बजट के बाद ही सराफा बाजार में अगली हलचल देखने को मिलेगी।








