GRAP-4 की खुलेआम धज्जियां: दक्षिणी दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी, गांव असोला में प्लॉट नंबर C-883 सैनिक कॉलोनी (बंध रोड) पर बीट सिपाही देवेंद्र पर रिश्वत लेकर अवैध निर्माण चलवाने और भारी प्रदूषण फैलाने के आरोप, अधिकारियों की मिलीभगत उजागर
दिल्ली में जब वायु गुणवत्ता खतरनाक स्तर पर पहुंच जाती है, तब सरकार द्वारा GRAP-4 जैसे सख्त प्रतिबंध लागू किए जाते हैं। इसके तहत सभी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूर्ण रोक होती है। लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट नजर आ रही है। दक्षिण दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र में GRAP-4 लागू होने के बावजूद खुलेआम अवैध निर्माण जारी है।
असोला बंद रोड पर खेती योग्य भूमि पर अवैध कॉलोनी का निर्माण
मामला प्लॉट नंबर C-883, सैनिक कॉलोनी, असोला बंद रोड का है, जहां खेती योग्य भूमि पर गैरकानूनी तरीके से एक बड़ी अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही है। मौके पर दर्जनों अवैध निर्माण कार्य चल रहे हैं। भारी मात्रा में सीमेंट, ईंट, बालू और मलबा खुले में पड़ा है, जिससे पूरे इलाके में धूल और प्रदूषण फैल रहा है।
पटवारी की रिपोर्ट और MCD का चालान, फिर भी नहीं रुका काम
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पटवारी द्वारा निर्माण को लेकर रिपोर्ट फाइल की जा चुकी है और MCD ने प्रदूषण फैलाने पर चालान भी काटा है, इसके बावजूद अवैध निर्माण कार्य बेरोकटोक जारी है। सवाल यह उठता है कि जब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई हो चुकी है, तो फिर काम कैसे चल रहा है?

GRAP-4 के बीच निर्माण: प्रशासन की चुप्पी सवालों के घेरे में
GRAP-4 के दौरान निर्माण कार्य रोकना कानूनी बाध्यता है, लेकिन मैदान गढ़ी क्षेत्र में न तो पुलिस ने काम रुकवाया और न ही राजस्व या पर्यावरण विभाग ने सख्ती दिखाई। स्थानीय लोगों का आरोप है कि प्रशासनिक आदेश सिर्फ कागज़ों तक सीमित रह गए हैं।
बीट पुलिस ऑफिसर पर गंभीर आरोप: रिश्वत लेकर दिया संरक्षण?
इस पूरे मामले में बीट पुलिस ऑफिसर देवेंद्र कुमार (थाना मैदान गढ़ी) पर गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि उन्होंने मोटी रिश्वत लेकर GRAP-4 के दौरान अवैध निर्माण कार्य को संरक्षण दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार 112 नंबर पर शिकायत की गई, लेकिन मौके पर पहुंचने के बाद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
अधिकारियों की मिलीभगत से फल-फूल रहा अवैध निर्माण
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ राजस्व और अन्य विभागों के अधिकारी—जिनमें तहसील स्तर के अधिकारी और सिविल डिफेंस से जुड़े अधिकारी शामिल हैं—की मिलीभगत से भू-माफिया लाला मसीह द्वारा यह अवैध निर्माण कराया जा रहा है। यदि प्रशासन ईमानदार होता, तो GRAP-4 के दौरान एक ईंट भी नहीं रखी जा सकती थी।
जनता की सेहत से खिलवाड़, कानून व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली पहले ही जहरीली हवा से जूझ रही है। ऐसे में अवैध निर्माण से उठती धूल आम नागरिकों, बच्चों और बुजुर्गों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है। यह मामला केवल अवैध निर्माण का नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य और कानून व्यवस्था से खिलवाड़ का है।
कार्रवाई होगी या फिर यूं ही चलता रहेगा खेल?
स्थानीय निवासियों और शिकायतकर्ता ने पर्यावरण मंत्री, डिप्टी कमिश्नर (साउथ) और SDM साकेत से मांग की है कि:
अवैध निर्माण तत्काल रोका जाए
दोषी अधिकारियों की निष्पक्ष जांच हो
भू-माफिया के खिलाफ FIR दर्ज की जाए
GRAP-4 उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए
अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस बार वास्तव में कार्रवाई करेगा, या फिर GRAP-4 की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा?








