नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली की बिगड़ती हवा ने लोगों को सड़कों पर उतरने को मजबूर कर दिया है। बुधवार को जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में युवाओं और नागरिक संगठनों ने वायु प्रदूषण के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि दिल्ली में सांस लेना दिन-ब-दिन मुश्किल होता जा रहा है, ऐसे में अब ठोस और प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।
इस प्रदर्शन में छात्र नेता, पर्यावरण कार्यकर्ता और कई सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। वे हाथों में वायु प्रदूषण व उसके कारणों से जुड़े संदेशों वाले प्लेकार्ड लिए हुए थे। कुछ युवाओं ने गिटार और वाद्य यंत्रों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुति देकर विरोध दर्ज कराया और केंद्र व राज्य सरकारों की लापरवाही पर निशाना साधा।
प्रदर्शन में शामिल एक प्रतिभागी अदिति ने कहा कि यह राजनीतिक मुद्दा नहीं बल्कि “सांस के हक” की लड़ाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकारें खुद तो एयर प्यूरीफायर के बीच सुरक्षित बैठी हैं, लेकिन आम जनता की मुश्किलों पर ध्यान देने को तैयार नहीं।
पर्यावरण कार्यकर्ता अतुल ने कहा कि पिछले चार वर्षों में दिल्ली की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। यह स्वास्थ्य संकट है और इसके समाधान के लिए तुरंत दीर्घकालीन नीतियों की आवश्यकता है।
प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी करते हुए प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने के लिए मास्क का भी वितरण किया और सरकार से जल्द प्रभावी कार्रवाई की मांग की।








