दुनिया का इस वर्ष का सबसे शक्तिशाली तूफ़ान ‘मेलिसा’ अब कैरेबियन सागर में तबाही मचाते हुए जमैका के और नज़दीक पहुंच चुका है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह तूफ़ान इस समय उत्तर-पूर्वी दिशा में तेज़ी से बढ़ रहा है और अगले कुछ घंटों में जमैका के तटीय इलाकों से टकरा सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि ‘मेलिसा’ अब तक का सबसे भीषण तूफ़ान साबित हो सकता है, जिसकी रफ्तार 175 मील प्रति घंटा (करीब 290 किलोमीटर प्रति घंटा) तक पहुंचने का अनुमान है। तूफ़ान के साथ लगातार तेज हवाएं, मूसलाधार बारिश और समुद्री लहरों के उठने की संभावना जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि प्रभावित इलाकों में 101 सेंटीमीटर (लगभग 40 इंच) तक बारिश हो सकती है, जिससे भारी बाढ़ और भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है।
अब तक की जानकारी के अनुसार, जमैका में तीन और हैती तथा डोमिनिकन गणराज्य में चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। सैकड़ों घरों को नुकसान पहुंचा है और बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। स्थानीय प्रशासन ने तटीय इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
अमेरिका स्थित मौसम केंद्रों ने इसे कैटेगरी-5 तूफ़ान घोषित किया है — जो तूफ़ानों की सबसे ऊंची और खतरनाक श्रेणी मानी जाती है। इसके साथ ही क्यूबा और दक्षिण-पूर्वी बहामास के लिए भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
सरकारों ने आपात सेवाओं को पूरी तरह अलर्ट पर रखा है। तटवर्ती इलाकों में स्कूल, कॉलेज और हवाई सेवाएं बंद कर दी गई हैं। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि ‘मेलिसा’ की दिशा में बदलाव नहीं हुआ, तो यह आने वाले 24 घंटों में जमैका पर भारी तबाही मचा सकता है।







