भारत शांति सुरक्षा के क्षेत्र में निभाता है अहम भूमिका, शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों को भी करता है सुनिश्चित

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भारत शांति सुरक्षा के क्षेत्र में बहुत अहम भूमिका निभाता है यह न केवल अपने जवानों के जरिए शांति मिशनों में योगदान देता है. बल्कि शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों की जवाबदेही सुनिश्चित करने जैसे कई प्रयासों का भी नेतृत्व करता है. संयुक्त राष्ट्र के शांति सुरक्षा विभाग के प्रमुख जीन-पियरे लाक्रॉइक्स ने यह बात कही.संयुक्त राष्ट्र में शांति अभियानों के अवर महासचिव जीन-पियरे लाक्रॉइक्स की यह टिप्पणी गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक दिवस के मौके पर एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान आई. वह 24-25 फरवरी को भी नई दिल्ली आए थे. जब भारत की ओर से पहले महिला शांति सैनिक सम्मेलन का आयोजन किया गया था. सम्मेलन में 35 देशों की महिला शांति सैनिकों ने भाग लिया था इसमें शांति स्थापना में महिलाओं की भूमिका और सामने आने वाली चुनौतियों पर चर्चा हुई थी.लाक्रॉइक्स ने कहा कि कि भारत शांति सैनिकों और पुलिस बल के सबसे बड़े योगदानकर्ताओं में से एक है और महिला शांति सैनिकों के मामले में भी भारत अग्रणी भूमिका निभाता है.

राजनीतिक प्रक्रियाओं में शामिल करना जरूरी
उन्होंने कहा कि शांति मिशनों में महिलाओं की संख्या बढ़ाना और उन्हें राजनीतिक प्रक्रियाओं में शामिल करना जरूरी है ताकि शांति बनाए रखने के प्रयास सफल हों. यह कोई विचारधारा नहीं, बल्कि हकीकत है कि महिलाओं की भागीदारी से शांति प्रयास और मजबूत होते हैं.संयुक्त राष्ट्र की महिला सैन्य सलाहकार मेजर जनरल शेरिल पियर्स के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाक्रॉइक्स ने कहा कि महिलाओं की संख्या बढ़ रही है. लेकिन अभी और प्रयास करने की जरूरत है खासकर वरिष्ठ पदों पर।भारत यूएन शांति मिशन के लिए चौथा सबसे बड़ा सैनिक योगदानकर्ता देश है. यह अब तक 5,300 से अधिक सैनिक और पुलिसकर्मी अफ्रीका, लेबनान, सोमालिया, दक्षिण सूडान और पश्चिमी सहारा जैसे इलाकों में तैनात कर चुका है. भारत 2007 में लाइबेरिया में पहली बार पूरी तरह महिलाओं से बनी पुलिस यूनिट भेजने वाला देश था. जनवरी 2023 में भारत ने अबीई मिशन (सूडान और दक्षिण सूडान की सीमा पर स्थित विवादित क्षेत्र) में महिला शांति सैनिकों की सबसे बड़ी टुकड़ी भेजी.दिसंबर 2022 में भारत ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) की अध्यक्षता के दौरान शांति सैनिकों के खिलाफ अपराधों की जवाबदेही बढ़ाने के लिए ‘ग्रुप ऑफ फ्रेंड्स’ की शुरुआत की और एक नए डाटाबेस का शुभारंभ किया जो अपराधों को दर्ज करता है और दोषियों को सजा दिलाने में मदद करता है.

Kinni Times
Author: Kinni Times

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