पहले घुटनों का ऑस्टियोआर्थराइटिस बढ़ती उम्र की बीमारी माना जाता था, लेकिन अब 30 से 40 साल की उम्र के लोग भी इसकी चपेट में आ रहे हैं। गलत लाइफस्टाइल, बढ़ता वजन और फिजिकल एक्टिविटी की कमी इसकी बड़ी वजह बन रहे हैं। अगर समय रहते ध्यान दिया जाए तो इस समस्या को काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है।
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क्या है Knee Osteoarthritis?
यह ऐसी स्थिति है जिसमें घुटने के जोड़ की कार्टिलेज धीरे-धीरे घिसने लगती है। कार्टिलेज हड्डियों के बीच कुशन का काम करती है, लेकिन इसके घिसने पर हड्डियां आपस में रगड़ने लगती हैं, जिससे दर्द, सूजन और चलने में परेशानी होती है।
ये हैं इसके संकेत
- घुटनों में लगातार या चलते समय दर्द
- सुबह उठने पर अकड़न महसूस होना
- घुटनों के आसपास सूजन
- चलने या सीढ़ियां चढ़ने में दिक्कत
- घुटने मोड़ने पर कटक जैसी आवाज
- कमजोरी और अस्थिरता महसूस होना
किन लोगों को ज्यादा खतरा?
- ज्यादा वजन वाले लोग
- लंबे समय तक बैठे रहने वाले लोग
- खिलाड़ियों या पुरानी चोट वालों को
- विटामिन D की कमी वाले लोग
- परिवार में गठिया का इतिहास होने पर
इन 3 आदतों से करें बचाव
1. वजन कंट्रोल रखें
वजन कम रखने से घुटनों पर दबाव कम पड़ता है।
2. रोज एक्सरसाइज करें
वॉक, साइकिलिंग, स्विमिंग और हल्की स्ट्रेचिंग फायदेमंद है।
3. स्ट्रेंथ ट्रेनिंग अपनाएं
जांघों की मांसपेशियां मजबूत होंगी तो घुटनों को बेहतर सहारा मिलेगा।
क्या खाएं?
हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट्स, साबुत अनाज, हल्दी, अदरक, लो फैट दूध-दही और प्रोटीन वाली चीजें डाइट में शामिल करें।
कब डॉक्टर को दिखाएं?
अगर दर्द 2-3 हफ्ते से ज्यादा रहे, सूजन हो जाए या चलना मुश्किल लगे तो जांच जरूर कराएं।
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