राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में वायु प्रदूषण ने खतरनाक स्तर पार कर लिया है। हवा इतनी जहरीली हो गई है कि शहर एक बार फिर ‘गैस चैंबर’ में बदल गया है। रविवार सुबह दिल्ली का औसत एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 377 दर्ज किया गया, जो ‘बेहद खराब’ श्रेणी में आता है। कई इलाकों में तो हालात इससे भी ज्यादा बिगड़े हुए हैं।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, एम्स क्षेत्र में AQI 421, वजीरपुर में 432 और चांदनी चौक में 414 दर्ज किया गया — ये सभी आंकड़े ‘गंभीर’ श्रेणी में हैं। आनंद विहार में 392, अलीपुर में 381 और द्वारका में 407 का एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। वहीं, गुरुग्राम (276), नोएडा (292) और गाजियाबाद (298) में हवा ‘खराब’ श्रेणी में बनी हुई है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वाहनों का धुआं, निर्माण कार्यों की धूल और पराली जलाने की घटनाएं प्रदूषण के प्रमुख कारण हैं। हवा की रफ्तार भी बेहद धीमी होने के कारण प्रदूषक तत्व वातावरण में फंसे हुए हैं, जिससे स्थिति और गंभीर हो रही है।
दृश्यता में भी भारी गिरावट
रात के समय घने स्मॉग की वजह से दृश्यता में काफी कमी आई है। मौसम विभाग के अनुसार, सफदरजंग एयरपोर्ट पर दृश्यता घटकर 900 मीटर और आईजीआई एयरपोर्ट पर 1300 मीटर तक पहुंच गई। हवा की गति दक्षिण-पश्चिम दिशा में मात्र 4 किमी प्रति घंटा रही।
स्विस एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कंपनी IQAir के मुताबिक, शनिवार रात 7 बजे से 10 बजे के बीच दिल्ली का एक्यूआई 491 तक पहुंच गया था — जो उस समय दुनिया के सभी प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा था।
सरकार के प्रयास जारी, असर नहीं दिखा
सरकार की ओर से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए कई कदम उठाए जा रहे हैं — जैसे निर्माण कार्यों पर रोक, स्कूलों में छुट्टियां और ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का चौथा चरण लागू करना — लेकिन अभी तक इनका असर जमीन पर नजर नहीं आ रहा है।
👉 दिल्लीवासियों को फिलहाल मास्क पहनने और बाहर कम निकलने की सलाह दी गई है।








