राजधानी दिल्ली और एनसीआर में वायु प्रदूषण ने बेहद खतरनाक स्तर छू लिया है। शनिवार को दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 450 के पार पहुंच गया, जिससे हालात मेडिकल इमरजेंसी जैसे बन गए हैं। कई इलाकों में स्मॉग और घने कोहरे की मोटी परत छाई हुई है, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई है और आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
दिल्ली, नोएडा और गाजियाबाद समेत पूरे एनसीआर में सुबह और रात के समय घना कोहरा देखने को मिला। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश तक कोहरे का असर साफ नजर आ रहा है। प्रदूषण और ठंड के इस डबल अटैक से बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों के लिए स्थिति बेहद गंभीर मानी जा रही है।
बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में GRAP-4 की पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। इसके तहत गैर-जरूरी निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर रोक लगा दी गई है, साथ ही BS-3 पेट्रोल और BS-4 डीजल वाहनों के संचालन पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। पुराने डीजल मालवाहक वाहनों की एंट्री पर भी रोक रहेगी।
दिल्ली सरकार ने हालात को देखते हुए 50 फीसदी सरकारी और निजी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम लागू कर दिया है। इसके अलावा स्कूलों में भी हाइब्रिड मोड जारी रहेगा। अब कक्षा 9 और 11 के लिए भी ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प दिए गए हैं, जबकि 10वीं और 12वीं में चल रही प्री-बोर्ड परीक्षाओं को स्कूलों के विवेक पर छोड़ा गया है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को बिना जरूरत घर से बाहर न निकलने, मास्क पहनने और प्रदूषण से बचाव के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट आ सकती है और यदि हवा की रफ्तार कम रही तो प्रदूषण की स्थिति और बिगड़ सकती है।
दिल्ली सरकार की ओर से धूल प्रदूषण को कम करने के लिए ‘वॉल-टू-वॉल’ मॉडल के तहत सड़कों के निर्माण का काम तेज किया जा रहा है, ताकि कच्ची सड़कों से उड़ने वाली धूल को रोका जा सके। फिलहाल हालात गंभीर बने हुए हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।







