संसद के मानसून सत्र के दौरान पेश किए गए पब्लिक एग्जामिनेशन (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा संसद में यह संशोधन विधेयक पेश किए जाने के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है। इसी कड़ी में शिवसेना (यूबीटी) के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा हमला बोला है। नई दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए संजय राउत ने कहा कि एंटी पेपर लीक के मुद्दे पर संसद में चर्चा तो होगी, लेकिन सिर्फ सख्त कानून बना देने या नया बिल लाने भर से प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर लगाम नहीं लगाई जा सकती।
पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए
शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने सरकार के इस कदम पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता है कि यह बिल लाकर उन्होंने बहुत बड़ा तीर मार लिया है, जबकि हकीकत में यह कोई नया विधेयक नहीं बल्कि पुराना ही कानून है। उन्होंने कहा कि सरकार ने इस विधेयक में कोई बुनियादी बदलाव नहीं किया है, बल्कि केवल सजा का प्रावधान 1 साल से बढ़ाकर 10 साल किया है और जुर्माने की रकम 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दी है। राउत ने याद दिलाया कि देश ने हाल ही में जंतर-मंतर पर पेपर लीक और परीक्षा धांधली के खिलाफ भारत ही नहीं बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा छात्र आंदोलन देखा है, जिसने पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े किए थे।







