नई दिल्ली।
सुप्रीम कोर्ट ने देशभर में सड़कों, हाईवे और सार्वजनिक स्थलों पर घूम रहे आवारा कुत्तों और मवेशियों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शीर्ष अदालत ने सभी राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि आठ हफ्तों के भीतर स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और खेल परिसरों से आवारा पशुओं को हटाकर शेल्टर होम में रखा जाए।
न्यायमूर्ति विक्रम नाथ, न्यायमूर्ति संदीप मेहता और न्यायमूर्ति एन.वी. अंजारिया की पीठ ने स्पष्ट कहा कि पकड़े गए कुत्तों को दोबारा उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाएगा जहां से उन्हें पकड़ा गया था। कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि सभी राज्यों में राजमार्ग गश्ती दल बनाए जाएं जो सड़कों और एक्सप्रेसवे से आवारा पशुओं को पकड़कर सुरक्षित आश्रय गृहों में पहुंचाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के उस आदेश की भी पुष्टि की है जिसमें राज्य सरकार और नगर निगम अधिकारियों को सड़कों से मवेशियों को हटाने और उन्हें पुनर्वासित करने का निर्देश दिया गया था।
कोर्ट ने यह भी कहा कि आवारा पशुओं की नसबंदी कर उनकी देखभाल की व्यवस्था की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति न बने। इस मामले की अगली सुनवाई 13 जनवरी को होगी।








