दक्षिणी दिल्ली के थाना मैदान गढ़ी क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ काली अंधेरी रात में गैरकानूनी बोरिंग (ट्यूबवेल) कराई जा रही है, जिसके पीछे 20 लाख रुपये की रिश्वत, पुलिस संरक्षण और भू-माफिया गठजोड़ की भूमिका बताई जा रही है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार का है, बल्कि दिल्ली जैसे जल-संकटग्रस्त शहर में भू-जल दोहन और कानून व्यवस्था पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है।
कहाँ और कैसे हो रही है अवैध बोरिंग?
शिकायत के अनुसार, यह अवैध बोरिंग डेरा भाटी मेन रोड पर स्थित सीएनजी पंप से यू-टर्न लेकर बलराज तंवर फार्म में की जा रही है। इस स्थल पर पहले से ही अवैध निर्माण (कोठी/बंगला) किया जा रहा है। रात के समय पीछे की ओर छोटी बोरिंग मशीन लगाकर चोरी-छिपे ट्यूबवेल कराया जा रहा है, ताकि किसी को भनक न लगे। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह काम कई रातों से जारी है।
20 लाख रुपये की रिश्वत और पुलिस संरक्षण का आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, यह अवैध बोरिंग धन्ना सेठ फार्म हाउस के मालिक से लगभग 20 लाख रुपये की रिश्वत लेकर** कराई जा रही है। आरोप है कि यह पूरा कार्य **थाना मैदान गढ़ी के थाना अध्यक्ष की मिलीभगत** से हो रहा है, जिसके चलते खुलेआम कानून का उल्लंघन किया जा रहा है।
PCR 112 पर शिकायत, लेकिन ज़मीनी कार्रवाई शून्य
इस अवैध गतिविधि की शिकायत दिनांक *24/12/2025** को रात **11:02 बजे** मोबाइल नंबर 9217164848 से पुलिस कंट्रोल रूम 112 पर दर्ज कराई गई। इसके बाद पूरी रात अलग-अलग नंबरों से कॉल आते रहे, लेकिन मौके पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
कॉल डिटेल इस प्रकार रहीं:
* 11:42 बजे – 8510924880 (पुलिसकर्मी का कॉल)
* 11:43 बजे – पुनः कॉल
* 11:51 बजे – पीसीआर कॉल
* 11:52 बजे – 7428005187
* 11:57 बजे – पीसीआर कॉल
* 12:10 बजे – 7065569295
* 12:16 बजे – 8750250099
* 25/12/2025 सुबह 8:12 बजे – 9999866881
शिकायतकर्ता का कहना है कि पूरी रात यही चलता रहा, लेकिन अवैध बोरिंग बंद नहीं कराई गई
सबूत मिटाने का गंभीर आरोप
मामले में सौदान सिंह, एसआई, थाना मैदान गढ़ी (मोबाइल नंबर: 9810934565) पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने रात के समय बोरिंग मशीन हटवाकर अवैध बोरिंग के सबूत गायब कराए।
आरोप यह भी है कि मौके पर पहुँची पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय मशीन को भगवाकर सबूत मिटाने का प्रयास किया, जो भ्रष्टाचार और कर्तव्य में घोर लापरवाही की श्रेणी में आता है।
भू-जल दोहन और पर्यावरण पर खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि इस प्रकार की अवैध बोरिंग से क्षेत्र में भू-जल स्तर तेजी से गिरता है। दिल्ली पहले ही गंभीर जल संकट से जूझ रही है। ऐसे में नियमों को ताक पर रखकर ट्यूबवेल कराना न केवल अवैध, बल्कि पर्यावरण के लिए घातक है।
भू-माफिया की भूमिका और CDR जांच की मांग
शिकायत में भू-माफिया गठजोड़ की ओर भी इशारा किया गया है। आरोप है कि इस पूरे अवैध काम में—
बलराज (मोबाइल नंबर: 9811074902)
पम्मी (मोबाइल नंबर: 9871787777)
की सक्रिय भूमिका है। शिकायतकर्ता ने मांग की है कि इन दोनों व्यक्तियों की **कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR)** निकलवाई जाए, जिससे पुलिस और भू-माफिया के कथित गठजोड़ का पर्दाफाश हो सके।
प्रशासन और सरकार से क्या मांग की गई?
शिकायतकर्ता ने केंद्र और दिल्ली सरकार के शीर्ष अधिकारियों से निम्न मांगें की हैं:
* वरिष्ठ विजिलेंस अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच
* अवैध बोरिंग मशीन को **5/15 कलंदरा** के तहत जब्त कर बंद किया जाए
* थाना अध्यक्ष, थाना मैदान गढ़ी के विरुद्ध **विजिलेंस जांच और निलंबन**
* एसआई सौदान सिंह के खिलाफ विभागीय व आपराधिक कार्रवाई
* भू-माफिया बलराज और पम्मी की **CDR जांच**
* भविष्य में क्षेत्र में किसी भी प्रकार की गैरकानूनी बोरिंग पर पूर्ण रोक
जनहित और कानून व्यवस्था से जुड़ा मामला
यह मामला सिर्फ एक अवैध बोरिंग का नहीं है, बल्कि भ्रष्टाचार, पुलिस संरक्षण, भू-माफिया, पर्यावरण और जनहित—सभी से जुड़ा हुआ है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग इस गंभीर शिकायत पर कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्रवाई करते हैं।







