भारत ने हाल ही में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अस्थायी सदस्यता के लिए अपना अभियान तेज किया है। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है। नई दिल्ली ने ICJ में न्यायाधीश दलवीर भंडारी का कार्यकाल पूरा होने के बाद उनकी जगह किसी नए उम्मीदवार का नामांकन नहीं किया है।
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय के लिए नामांकन की समय-सीमा समाप्त हो चुकी है। ऐसे में भारत का ICJ में लगातार 14 वर्षों से चला आ रहा प्रतिनिधित्व अब समाप्त होने जा रहा है। न्यायमूर्ति दलवीर भंडारी वर्ष 2017 में दोबारा चुने गए थे और उस समय इसे भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना गया था।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने फरवरी 2027 से शुरू होने वाले नौ वर्षीय कार्यकाल के लिए ICJ के पांच न्यायाधीशों के चुनाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए सदस्य देशों से समय पर नामांकन मांगे गए थे, लेकिन भारत ने इस बार किसी उम्मीदवार का नाम आगे नहीं बढ़ाया।
विशेषज्ञों का मानना है कि ICJ में भारत की अनुपस्थिति ऐसे समय में होगी, जब देश वैश्विक मंच पर अपनी भूमिका मजबूत करने और UNSC की अस्थायी सीट हासिल करने के लिए सक्रिय अभियान चला रहा है। ऐसे में वर्ल्ड कोर्ट में भारतीय प्रतिनिधित्व का समाप्त होना कूटनीतिक दृष्टि से एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।








