लाजपत नगर में रावण के पुतले के लिए रखे बारूद में धमाके, ठेकेदार की मौत; चार की हालत गंभीर

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नई दिल्ली: लाजपत नगर इलाके में रावण का पुतला तैयार करने के लिए रखे गए बारूद में हुए सिलसिलेवार धमाकों से बड़ा हादसा हो गया। सोमवार सुबह सामुदायिक केंद्र में एक के बाद एक करीब पांच धमाके हुए। हादसे में पांच लोग गंभीर रूप से झुलस गए, जबकि दो अन्य लोगों को मामूली चोटें आईं। गंभीर रूप से घायल ठेकेदार अनिल की मंगलवार सुबह इलाज के दौरान मौत हो गई।

जानकारी के मुताबिक, हादसा शनि चौक चौकी के सामने स्थित रामलीला मैदान के सामुदायिक केंद्र में सुबह करीब 9:20 बजे हुआ। बताया जा रहा है कि हॉल में कुछ लोग हीटर पर खाना बना रहे थे। इसी दौरान निकली चिंगारी वहां रखे बारूद तक पहुंच गई, जिसके बाद लगातार धमाके होने लगे।

पुलिस के अनुसार, सामुदायिक केंद्र में रावण के पुतले में इस्तेमाल होने वाले पटाखे और बम तैयार करने के लिए बड़ी मात्रा में बारूद रखा गया था। रिपोर्ट के मुताबिक इसकी मात्रा 10 टन से अधिक बताई जा रही है। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और पुलिस अधिकारियों ने पहुंचकर स्थिति को संभाला।

हादसे में पिलखुवा, हापुड़ निवासी 45 वर्षीय अनिल, उनके बेटे रजत और ऋषभ तथा कारीगर राजू और महेंद्र गंभीर रूप से घायल हुए। सभी को पहले नजदीकी निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उनकी हालत को देखते हुए दिल्ली के राजीव गांधी अस्पताल और सफदरजंग अस्पताल रेफर किया गया। इलाज के दौरान अनिल ने दम तोड़ दिया, जबकि चार घायलों की स्थिति नाजुक बताई जा रही है।

अनिल पिछले करीब एक दशक से रामायण कला संगम समिति के लिए रावण का पुतला बनाने का काम कर रहे थे। इस साल भी वह अपने दोनों बेटों और कारीगरों के साथ दो अक्टूबर से पुतला तैयार करने के लिए सामुदायिक केंद्र में आए थे।

धमाकों की चपेट में दो स्थानीय लोग भी आए। इनमें 10 वर्षीय बच्ची विपी जैन और बी-ब्लॉक निवासी संदीप शामिल हैं। बताया गया कि संदीप के ऊपर ईंट गिरने से चोट लगी, जबकि बच्ची के पैर में कांच का टुकड़ा लग गया। दोनों को मामूली चोटें आई हैं।

घटना की सूचना मिलते ही डीसीपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। डीसीपी ट्रांस हिंडन ऋजुल के मुताबिक, मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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