नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना गुरुवार को अपना 94वां स्थापना दिवस मनाने जा रही है। इस वर्ष एयरफोर्स डे का आयोजन ‘अचूक, अभेद्य, सटीक’ थीम के तहत किया जा रहा है। स्थापना दिवस से पहले हिंडन एयरफोर्स परिसर में फुल ड्रेस रिहर्सल आयोजित की जा रही है, जहां वायु सेना की operational strength और आधुनिक सैन्य क्षमता की झलक देखने को मिल रही है।
रिहर्सल के साथ परिसर में विशेष प्रदर्शनी भी लगाई गई है। इस प्रदर्शनी में कई अत्याधुनिक लड़ाकू विमान और रक्षा प्रणालियां प्रदर्शित की गई हैं। इस बार पहली बार ब्रह्मोस को भी प्रदर्शनी में शामिल किया गया है। इसके अलावा तेजस, सुखोई और प्रचंड जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
फ्लाईपास्ट में दिखेगा रोमांच
8 अक्टूबर को होने वाले मुख्य कार्यक्रम में फ्लाईपास्ट और हवाई प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। इस दौरान हेलीकॉप्टर और लड़ाकू विमान आसमान में विभिन्न करतब दिखाते नजर आएंगे। हालांकि पिछले दो वर्षों की तरह हिंडन एयरबेस पर बड़े स्तर का एयर शो नहीं होगा। इसके बावजूद कुछ लड़ाकू विमानों के हवाई प्रदर्शन की संभावना है।
वाराणसी में होगा मुख्य आयोजन
इस वर्ष भारतीय वायु सेना दिवस का प्रमुख कार्यक्रम वाराणसी में आयोजित किया जा रहा है। एयरफोर्स के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार, एयरफोर्स डे परेड में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह सलामी लेंगे।
कार्यक्रम में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि और नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन के भी शामिल होने की उम्मीद है। इसके अलावा कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और वीवीआईपी मेहमान भी कार्यक्रम में मौजूद रह सकते हैं।
एयरफोर्स डे के मौके पर होने वाले कार्यक्रमों में भारतीय वायु सेना की तकनीकी क्षमता, आधुनिक लड़ाकू विमानों और जवानों के अनुशासन की झलक देखने को मिलेगी। स्थापना दिवस के जरिए वायु सेना अपनी तैयारियों और भविष्य की चुनौतियों के लिए क्षमता का भी प्रदर्शन करेगी।








