राजधानी दिल्ली में दो दिनों की अस्थायी राहत के बाद वायु प्रदूषण ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार को दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 300 के पार पहुंच गया, जिससे हवा ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में ही AQI में करीब 98 अंकों की तेज बढ़ोतरी देखी गई है।
कई इलाकों में हवा ‘गंभीर’ स्तर पर
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली का औसत AQI 332 दर्ज किया गया, जबकि एक दिन पहले यह 234 था। शहर के अधिकतर इलाकों में वायु गुणवत्ता बेहद खराब बनी रही। आनंद विहार और बवाना में AQI 400 के पार चला गया, जिसे ‘गंभीर’ श्रेणी में रखा गया है।
विवेक विहार, नरेला, सोनिया विहार, रोहिणी, नेहरू नगर और डीटीयू जैसे इलाकों में भी प्रदूषण का स्तर बेहद खराब दर्ज किया गया।
हवा की रफ्तार कम, प्रदूषण बना रहेगा
वायु गुणवत्ता पूर्व चेतावनी प्रणाली के मुताबिक, अगले दो दिनों तक हवा की गति सामान्य रूप से 10 किलोमीटर प्रति घंटे से कम रहने की संभावना है। इससे प्रदूषक कणों का फैलाव धीमा होगा और प्रदूषण लंबे समय तक बना रह सकता है। अनुमान है कि आने वाले दो दिनों तक दिल्ली की वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही रहेगी।
सबसे प्रदूषित इलाके
शुक्रवार को बवाना (406) और आनंद विहार (404) सबसे ज्यादा प्रदूषित रहे। इसके बाद विवेक विहार और नरेला (397), सोनिया विहार (385), रोहिणी (384), नेहरू नगर (383), डीटीयू (382), चांदनी चौक (374) और अशोक विहार (371) शामिल हैं।
GRAP-3 लागू, वाहन नियमों में राहत
फिलहाल दिल्ली-एनसीआर में ग्रैप-3 के प्रतिबंध लागू हैं। इसके तहत बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों पर रोक है। हालांकि बीएस-4 पेट्रोल वाहनों को चलाने की अनुमति है। ग्रैप-4 हटने के बाद अन्य राज्यों से आने वाले बीएस-4 पेट्रोल चालित हल्के वाहनों (LMV) को भी दिल्ली में प्रवेश की अनुमति मिल सकती है।







