दिवाली से पहले ही दिल्ली-NCR की हवा जहरीली, बिना पटाखों के कई इलाकों में AQI 400 पार

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दिवाली आने में अभी समय है और पटाखे भी नहीं चले हैं, लेकिन दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। राजधानी की हवा लगातार जहरीली होती जा रही है। बुधवार सुबह दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 373 दर्ज किया गया। वहीं, कई इलाकों में AQI 400 के पार पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी में आता है।

 

दिल्ली के पंजाबी बाग में सबसे अधिक AQI 452 दर्ज किया गया। जहांगीरपुरी में यह 450, IIT दिल्ली में 446, मुंडका में 440 और रोहिणी में 435 रहा। राजधानी के 21 निगरानी केंद्रों पर प्रदूषण का स्तर 400 के पार दर्ज किया गया। इससे साफ है कि दिल्ली के अधिकांश इलाकों में हवा की गुणवत्ता बेहद खराब बनी हुई है।

 

दिल्ली के साथ नोएडा और गाजियाबाद में भी प्रदूषण का असर दिखाई दे रहा है। बुधवार सुबह नोएडा का औसत AQI 310 और गाजियाबाद का 233 दर्ज किया गया। ग्रेटर नोएडा में AQI 255 और गुरुग्राम में 322 रहा। हालांकि, अलग-अलग निगरानी केंद्रों के आंकड़ों में अंतर देखा गया।

 

*प्रदूषण बढ़ने की क्या है वजह?*

 

दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण बढ़ने के पीछे वाहनों से निकलने वाला धुआं, निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल, औद्योगिक गतिविधियां और पराली जलाना प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा हवा की रफ्तार कम होने और मौसम में बदलाव के कारण प्रदूषक कण वातावरण में जमा हो रहे हैं। अक्टूबर में हुई बारिश के बाद हवा की गुणवत्ता में सुधार हुआ था, लेकिन पिछले कुछ दिनों में स्थिति तेजी से बिगड़ी है।

 

*दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू*

 

प्रदूषण की बढ़ती समस्या को देखते हुए दिल्ली-एनसीआर में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (GRAP) के दूसरे चरण की पाबंदियां लागू हैं। इसके तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन के इस्तेमाल के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर नियंत्रण और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

 

दिवाली से पहले ही हवा की यह स्थिति चिंता बढ़ा रही है। त्योहार के दौरान पटाखों से होने वाला अतिरिक्त प्रदूषण हालात को और गंभीर बना सकता है। ऐसे में दिल्ली-एनसीआर के लोगों को सांस संबंधी परेशानियों से बचने के लिए सावधानी बरतने की जरूरत है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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