नई दिल्ली। राजधानी के दक्षिणी क्षेत्र में खसरा नंबर 443 और 444 गांव सतबड़ी तहसील साकेत CN no 268 मैंन रोड सतबडी के आसपास लगभग 20 बीघा सरकारी भूमि पर अवैध प्लाटिंग और निर्माण का मामला सामने आया है। यह जमीन Delhi Development Authority (DDA) के अधीन बताई जा रही है, जहां छोटे-छोटे टुकड़ों में प्लॉट काटकर कॉलोनी बसाई जा रही है और कमर्शियल बिल्डरों द्वारा फ्लैट व बेसमेंट निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।
सूत्रों के अनुसार यह पूरा मामला माननीय Supreme Court of India के आदेशों की अनदेखी करते हुए संचालित किया जा रहा है। विशेष रूप से SLP (Civil) No. 26697/2019 — Delhi Development Authority v. Tejpal & Ors. में सर्वोच्च न्यायालय ने सरकारी भूमि पर अतिक्रमण और अवैध कॉलोनियों के खिलाफ सख्त निर्देश जारी किए थे। बावजूद इसके, मौके पर निर्माण कार्य जारी होने से प्रशासनिक भूमिका पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय स्तर पर राजस्व एवं अन्य संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली को लेकर भी गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो सरकारी संपत्ति को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है।
मामले को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत भेजी गई है, जिसमें प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री, पुलिस आयुक्त, नगर निगम, DDA और अन्य संबंधित विभागों से तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इस अवैध प्लाटिंग और निर्माण पर रोक लगाकर जिम्मेदारों के खिलाफ सख्त कदम उठाता है या फिर सरकारी जमीन पर कॉलोनी बसाने का यह खेल यूं ही जारी रहेगा।









