शुक्रवार सुबह बेंगलुरु के चिन्नयनपाल्या, विल्सन गार्डन इलाके में हुए सिलेंडर विस्फोट ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया। इस भीषण हादसे में एक 10 वर्षीय बच्चे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 12 लोग घायल हुए हैं। हादसे के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी और भय का माहौल बन गया है।
8 से 10 मकानों का ढहना, इलाके में तबाही का मंजर
फायर ब्रिगेड के मुताबिक, विस्फोट इतना भीषण था कि 8 से 10 घर पूरी तरह ढह गए। कई इमारतों की छतें और दीवारें टूट गईं। आसपास की 10 से अधिक इमारतों को भी नुकसान पहुंचा। घटनास्थल की तस्वीरों और वीडियोज़ में इलाके का विनाशकारी रूप साफ देखा जा सकता है।
सुबह 8:23 बजे मिली आपातकालीन कॉल, तुरंत शुरू हुआ राहत कार्य
फायर ब्रिगेड को सुबह 8:23 बजे सूचना मिली, जिसके तुरंत बाद दो दमकल गाड़ियाँ घटनास्थल पर रवाना की गईं।
एनडीआरएफ, स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने तुरंत बचाव अभियान शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला।
घायलों में महिलाएं और बच्चे भी शामिल, दो की हालत गंभीर
प्राप्त जानकारी के अनुसार घायलों में कई महिलाएं और छोटे बच्चे शामिल हैं। इनमें से दो की हालत बेहद गंभीर बताई जा रही है और उनका इलाज चल रहा है। सभी घायलों को नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
सिलेंडर लीक से हुआ विस्फोट, जांच जारी
फायर डिपार्टमेंट की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह विस्फोट गैस सिलेंडर लीक होने के कारण हुआ। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि अन्य संभावित कारणों की भी गहन जांच की जा रही है।
एक वरिष्ठ अग्निशमन अधिकारी ने कहा,
“प्रारंभिक तौर पर सिलेंडर ब्लास्ट लग रहा है, लेकिन सटीक कारण की पुष्टि के लिए फोरेंसिक जांच जारी है।”
DCP सारा फातिमा ने किया स्थल का निरीक्षण
पुलिस उपायुक्त सारा फातिमा और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनास्थल का दौरा किया और राहत व बचाव कार्यों की निगरानी की। क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है और आसपास की इमारतों का निरीक्षण शुरू कर दिया गया है ताकि आगे किसी हादसे से बचा जा सके।
स्थानीय निवासियों में दहशत और आक्रोश
इस हादसे ने स्थानीय लोगों में गहरी चिंता और दहशत पैदा कर दी है। लोग प्रशासन पर सुरक्षा में लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं।
भीड़भाड़ वाले रिहायशी इलाकों में गैस सिलेंडरों की सुरक्षा जांच और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं।
सरकार ने दिए राहत के निर्देश, परिवारों को मदद का आश्वासन
अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता दी जाएगी। राहत शिविरों, मुआवज़े और पुनर्वास के लिए स्थानीय प्रशासन को निर्देश जारी किए जा चुके हैं।
राज्य सरकार ने भी मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की बात कही है।




