कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन के प्रति केंद्र सरकार की नीतियों को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी सरकार पर सवाल उठाए हैं। खरगे ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव, चीन से भारत के बढ़ते आयात और दोनों देशों के बीच बढ़ते व्यापार घाटे का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने चीन के साथ सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था और कूटनीतिक बातचीत के नतीजों को लेकर भी सवाल खड़े किए।
खरगे ने विशेष रूप से भारत-चीन सीमा पर भारतीय सैनिकों के गश्त करने के अधिकारों का मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि सीमा पर गश्त के अधिकारों की मौजूदा स्थिति क्या है और चीन के साथ हुई बातचीत से भारत को क्या ठोस परिणाम हासिल हुए हैं। उनके सवालों का केंद्र यह रहा कि सीमा विवाद को लेकर सरकार की कूटनीतिक कोशिशों से जमीनी स्तर पर कितना बदलाव आया है।
अरुणाचल प्रदेश में टकराव और सीमा सुरक्षा पर सवाल
कांग्रेस अध्यक्ष ने अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के साथ टकराव का उल्लेख करते हुए सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता जताई। भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर लंबे समय से तनाव की स्थिति रही है। ऐसे में सीमा पर सैनिकों की तैनाती, गश्त के अधिकार और दोनों देशों के बीच हुए समझौतों का प्रभाव राजनीतिक बहस का विषय बना हुआ है।
खरगे ने प्रधानमंत्री से यह स्पष्ट करने की मांग की कि सीमा पर भारतीय सैनिकों को पहले की तरह गश्त करने के अधिकार किस हद तक प्राप्त हैं। साथ ही, उन्होंने चीन के साथ होने वाली कूटनीतिक वार्ताओं के परिणामों पर भी जवाब मांगा। उनका सवाल है कि बातचीत के जरिए सीमा पर तनाव कम करने और भारत के हितों की रक्षा करने के लिए क्या ठोस उपलब्धियां हासिल हुई हैं।
चीन से बढ़ते आयात और व्यापार घाटे का मुद्दा
मल्लिकार्जुन खरगे ने चीन के साथ भारत के व्यापारिक संबंधों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने चीन से बढ़ते आयात और व्यापार घाटे को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। व्यापार घाटे का अर्थ है कि किसी देश का दूसरे देश से आयात उसके निर्यात की तुलना में अधिक होना। भारत और चीन के व्यापार में यह अंतर लंबे समय से आर्थिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय रहा है।
खरगे के सवालों के मुताबिक, चीन के साथ व्यापारिक संबंधों में भारत की स्थिति और घरेलू उद्योगों के हितों को लेकर सरकार को अपनी नीति स्पष्ट करनी चाहिए। चीन से बड़ी मात्रा में होने वाले आयात का असर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र और घरेलू उत्पादकों की प्रतिस्पर्धा पर भी पड़ सकता है। ऐसे में व्यापार संतुलन सुधारने और भारत की आर्थिक निर्भरता कम करने के उपायों पर सरकार की जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
कूटनीतिक वार्ताओं के नतीजों पर प्रधानमंत्री से जवाब की मांग
कांग्रेस अध्यक्ष ने चीन के साथ बातचीत और सीमा पर स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से स्पष्ट जवाब मांगा। उन्होंने सीमा सुरक्षा, गश्त के अधिकारों और व्यापार घाटे जैसे मुद्दों को उठाकर केंद्र सरकार की चीन नीति पर सवाल खड़े किए हैं।
इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस का मुख्य केंद्र यह है कि चीन के साथ संबंधों को संभालने में भारत की कूटनीति कितनी प्रभावी रही है और राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ आर्थिक हितों की रक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। खरगे के सवालों ने एक बार फिर चीन नीति, सीमा प्रबंधन और दोनों देशों के बीच व्यापारिक असंतुलन को लेकर केंद्र सरकार की जवाबदेही का मुद्दा सामने ला दिया है।








