भारत दौरे पर आ रहे अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो, जयशंकर से होगी अहम मुलाकात; व्यापार और ऊर्जा पर रहेगी नजर

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अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो मंगलवार, 20 अक्टूबर से भारत के तीन दिवसीय दौरे पर आ रहे हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करना और व्यापार, ऊर्जा, निवेश, रक्षा तथा तकनीक जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाना है। मुंबई में रूबियो की मुलाकात भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर से होगी। दोनों देशों के बीच जारी बातचीत के मद्देनजर इस बैठक को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर होगी चर्चा

 

रूबियो के भारत दौरे के दौरान प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता प्रमुख मुद्दों में शामिल रहेगा। दोनों देश लंबे समय से इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बातचीत कर रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने हाल ही में संकेत दिया था कि दोनों देश समझौते को अंतिम रूप देने के काफी करीब हैं। ऐसे में मुंबई में होने वाली बैठक से व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

 

इस समझौते का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग को बढ़ाना, बाजार तक पहुंच से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करना और आर्थिक संबंधों को नई दिशा देना है। भारत और अमेरिका के बीच व्यापार शुल्क को लेकर पहले भी मतभेद सामने आए हैं। ऐसे में इस दौरे के दौरान दोनों पक्षों की बातचीत पर नजर रहेगी।

 

ऊर्जा और रूस से तेल खरीद का मुद्दा भी अहम

 

भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सहयोग भी चर्चा का एक महत्वपूर्ण विषय होगा। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है और रूस से तेल खरीद का मुद्दा दोनों देशों के संबंधों में चर्चा का विषय रहा है। अमेरिका ने रूस से ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर संभावित शुल्क को लेकर पहले दबाव बनाया था, जबकि भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और आर्थिक हितों के आधार पर फैसले लेने की बात करता रहा है।

 

रूबियो ने हाल में कहा था कि भारत के लिए ऊर्जा के वैकल्पिक स्रोतों की ओर तेजी से बढ़ना आसान नहीं है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत के साथ व्यापार समझौते की बातचीत और अन्य द्विपक्षीय हितों को अमेरिकी फैसलों में ध्यान में रखा जा रहा है। ऐसे में ऊर्जा सुरक्षा और रूस से तेल आयात से जुड़े मुद्दों पर दोनों देशों के रुख महत्वपूर्ण रहेंगे।

 

रक्षा और नई तकनीक में सहयोग पर भी जोर

 

विदेश मंत्री एस. जयशंकर और मार्को रूबियो की बैठक में रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण और उभरती तकनीकों तथा निवेश से जुड़े विषयों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना दोनों देशों की प्राथमिकताओं में शामिल है। बदलते वैश्विक हालात में रक्षा, तकनीक और आर्थिक सहयोग को विस्तार देना इस साझेदारी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

 

इसके अलावा, दोनों नेता पश्चिम एशिया की स्थिति और अन्य क्षेत्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर भी विचारों का आदान-प्रदान कर सकते हैं। पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों का असर ऊर्जा आपूर्ति, ईंधन और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है, इसलिए इन मुद्दों पर बातचीत की अहमियत बढ़ जाती है।

 

मुंबई और जामनगर का दौरा करेंगे रूबियो

 

भारत यात्रा के दौरान रूबियो मुंबई के अलावा गुजरात के जामनगर भी जाएंगे। उनके कार्यक्रम में कारोबारी जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम शामिल हैं। जामनगर में रिफाइनरी से संबंधित दौरा भी प्रस्तावित है। इस यात्रा में व्यापार और ऊर्जा सहयोग के साथ कारोबारी संबंधों को आगे बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

 

मार्को रूबियो का यह इस साल भारत का दूसरा दौरा है। ऐसे समय में उनकी यात्रा हो रही है, जब व्यापार शुल्क, ऊर्जा खरीद और अन्य मुद्दों को लेकर भारत-अमेरिका संबंधों में चुनौतियां बनी हुई हैं। ऐसे में मुंबई में एस. जयशंकर के साथ होने वाली बातचीत से यह संकेत मिल सकता है कि दोनों देश मतभेदों को दूर करते हुए अपने व्यापक रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को किस दिशा में आगे बढ़ाना चाहते हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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