मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक बड़े प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। इस प्रदर्शन में शामिल होने के लिए विभिन्न राजनीतिक दलों, छात्र संगठनों और नागरिक समूहों की तरफ से लोगों से अपील की गई है। इस संभावित प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी है। पुलिस ने साफ किया है कि इस प्रदर्शन के लिए कोई अनुमति नहीं दी गई है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की आशंका के चलते जंतर-मंतर और आसपास के सभी संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है।
क्या है BNSS की धारा 163 और इसके तहत क्या हैं प्रतिबंध?
दिल्ली में सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 लागू कर दी गई है। इस धारा के तहत प्रशासन किसी भी क्षेत्र में सार्वजनिक व्यवस्था को कायम रखने के लिए प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर सकता है, जिसके तहत भीड़ इकट्ठा होने, जुलूस निकालने या अन्य किसी भी प्रकार की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सकती है। दिल्ली में जारी इन प्रतिबंधों के कारण बिना अनुमति के किसी भी तरह की सभा या प्रदर्शन पर पूरी तरह रोक है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों या आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष नजर
सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों के तहत जंतर-मंतर की ओर जाने वाली कई प्रमुख सड़कों पर भारी बैरिकेडिंग की गई है। चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षाकर्मी तैनात हैं तथा सीसीटीवी कैमरों के जरिए हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था कड़ी होने के कारण मध्य दिल्ली के कई हिस्सों में आवाजाही और यातायात प्रभावित हो सकता है। इसे ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस और यातायात विभाग ने यात्रियों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे इन इलाकों से गुजरने से पहले ट्रैफिक व्यवस्था की ताजा जानकारी जरूर ले लें और अनधिकृत जमावड़े से दूर रहें।
राजनीतिक सरगर्मी और सुरक्षा के लिहाज से अहम दिन
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग और मौजूदा चुनावी प्रक्रिया पर चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच दिल्ली में आज का दिन सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण बना हुआ है। पुलिस और प्रशासन द्वारा प्रदर्शन की अनुमति न दिए जाने के बावजूद, प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उठाए गए सुरक्षा कदमों से साफ है कि प्रशासन किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। स्थिति पर लगातार उच्च स्तर पर नजर रखी जा रही है ताकि राजधानी में शांति और व्यवस्था बनी रहे।








