दिल्ली को मिलेगा अपना पहला भव्य स्टेट गेस्ट हाउस ‘दिल्ली सदन’, द्वारका में 119.70 करोड़ रुपये से होगा निर्माण

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नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अब अन्य राज्यों की तर्ज पर दिल्ली सरकार का अपना पहला भव्य स्टेट गेस्ट हाउस बनने जा रहा है। दिल्ली पर्यटन एवं यातायात विकास निगम (DT TDC) ने द्वारका सेक्टर-19 में प्रस्तावित ‘दिल्ली सदन’ के निर्माण के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर करीब 119.70 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

21 महीने में पूरा करने का लक्ष्य

दिल्ली सदन का निर्माण द्वारका सेक्टर-19 स्थित प्लॉट नंबर-5 पर किया जाएगा। परियोजना को पूरा करने के लिए कुल 21 महीने का समय निर्धारित किया गया है। इसमें शुरुआती तीन महीने प्लानिंग और डिजाइनिंग के लिए, जबकि अगले 18 महीने निर्माण कार्य के लिए निर्धारित किए गए हैं।

परियोजना का निर्माण ईपीसी (Engineering, Procurement and Construction) मोड में कराया जाएगा। इसके लिए निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया डीटीटीडीसी की ओर से शुरू कर दी गई है।

एयरपोर्ट से महज 5 किलोमीटर की दूरी

प्रस्तावित दिल्ली सदन की लोकेशन को भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह परिसर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से करीब पांच किलोमीटर की दूरी पर होगा। ऐसे में देश-विदेश से दिल्ली आने वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडलों और अन्य विशिष्ट अतिथियों के लिए यहां पहुंचना सुविधाजनक रहेगा।

करीब एक एकड़ में बनेगा भव्य परिसर

दिल्ली सदन का निर्माण 3,899.42 वर्गमीटर, यानी करीब एक एकड़ के भूखंड पर किया जाएगा। प्रस्तावित भवन का कुल निर्मित क्षेत्र लगभग 15,984 वर्गमीटर होगा।

परियोजना के अनुसार:

  • मुख्य भवन क्षेत्र: 11,078 वर्गमीटर
  • दो बेसमेंट का क्षेत्र: 4,906 वर्गमीटर
  • कुल निर्मित क्षेत्र: 15,984 वर्गमीटर
  • भवन की प्रस्तावित ऊंचाई: करीब 45 मीटर

दो बेसमेंट समेत कई स्तरों पर होगा निर्माण

प्रस्तावित दिल्ली सदन में आधुनिक सुविधाओं के साथ बहुस्तरीय भवन तैयार किया जाएगा। इसमें दो बेसमेंट, ग्राउंड फ्लोर, अपर ग्राउंड फ्लोर, सर्विस फ्लोर, पोडियम लेवल, छह ऊपरी मंजिलें और टेरेस फ्लोर शामिल होंगे।

इस बहुमंजिला परिसर को इस तरह विकसित करने की योजना है कि एक ही स्थान पर आवास, आतिथ्य, सम्मेलन और खानपान जैसी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

राजकीय अतिथियों और वीवीआईपी प्रतिनिधिमंडलों के लिए होगा उपयोग

दिल्ली सरकार के इस प्रोजेक्ट का प्रमुख उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले राजकीय अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों, वीवीआईपी प्रतिनिधिमंडलों और वरिष्ठ अधिकारियों को एक ही परिसर में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

दिल्ली सदन में ठहरने के साथ-साथ बैठकों, सम्मेलनों और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए भी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे दिल्ली सरकार के आधिकारिक अतिथियों के आवास और आतिथ्य की व्यवस्था को एक समर्पित परिसर मिल सकेगा।

अब तक नहीं था दिल्ली सरकार का अपना समर्पित स्टेट गेस्ट हाउस

दिल्ली सरकार के पास अब तक अन्य राज्यों की तरह अपना समर्पित स्टेट गेस्ट हाउस नहीं था। राजधानी में बिहार सदन, मणिपुर सदन और कर्नाटक भवन जैसे राज्यों के अपने परिसर मौजूद हैं।

इसी क्षेत्र में प्रस्तावित दिल्ली सदन को दिल्ली सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संस्थागत परिसर के रूप में देखा जा रहा है। द्वारका सेक्टर-19 में बिहार सदन और मणिपुर सदन के आसपास इसका निर्माण किया जाएगा।

निर्माण एजेंसी के चयन की प्रक्रिया शुरू

परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दिल्ली पर्यटन एवं यातायात विकास निगम ने ईपीसी मोड पर निर्माण एजेंसी के चयन की निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। एजेंसी के चयन और अन्य औपचारिक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के अनुसार आगे बढ़ाया जाएगा।

दिल्ली सदन से क्या बदलेगा?

दिल्ली सदन के निर्माण के बाद राजधानी में आने वाले सरकारी अतिथियों और प्रतिनिधिमंडलों के लिए दिल्ली सरकार के पास अपना समर्पित अतिथि परिसर उपलब्ध होगा। एयरपोर्ट के नजदीक होने के कारण इसकी लोकेशन भी महत्वपूर्ण होगी।

करीब 119.70 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना पूरी होने के बाद दिल्ली सरकार के प्रमुख प्रशासनिक और आतिथ्य संबंधी परिसरों में शामिल हो सकती है। अब सभी की नजरें इस बात पर हैं कि निविदा प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य कब शुरू होता है और निर्धारित 21 महीने की समयसीमा में यह महत्वाकांक्षी परियोजना किस तरह आकार लेती है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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