पंजाब के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी जंग तेज हो गई है। बीजेपी द्वारा पंजाब की स्कूली शिक्षा व्यवस्था पर लगातार सवाल उठाए जाने के बाद अब ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने पलटवार करते हुए बीजेपी को खुली चुनौती दी है। केजरीवाल ने कहा कि बीजेपी पंजाब के स्कूलों को बदनाम करना बंद करे और अगर हिम्मत है तो गुजरात के 1,000 सरकारी स्कूलों की तुलना पंजाब के 1,000 स्कूलों से कराकर देख ले।
गुजरात मॉडल बनाम पंजाब मॉडल की चुनौती
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब में कुल 19,700 सरकारी स्कूल हैं, जिनमें से लगभग 19,200 स्कूलों की हालत सुधारी जा चुकी है और बाकी बचे 500 स्कूलों में काम जारी है, जिसे अगले डेढ़ से दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बीजेपी को चुनौती देते हुए कहा:
पंजाब के 1,000 स्कूलों की लिस्ट आम आदमी पार्टी देगी और गुजरात के 1,000 स्कूलों की लिस्ट बीजेपी दे।
दोनों दलों के नेता और मीडिया साथ मिलकर इन सभी स्कूलों का संयुक्त निरीक्षण करें ताकि देश की जनता खुद तय करे कि कौन सा मॉडल बेहतर है।
उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि बीजेपी 30 साल से गुजरात की सत्ता में है, जबकि पंजाब में ‘आप’ को सिर्फ साढ़े चार साल हुए हैं।
नीति आयोग की रैंकिंग का दिया हवाला
केजरीवाल ने दावा किया कि 2022 में जब पंजाब में ‘आप’ की सरकार बनी थी, तब राज्य शिक्षा के मामले में 28वें स्थान पर था। नीति आयोग के मूल्यांकन के अनुसार पंजाब अब सरकारी स्कूल शिक्षा में देश में पहले नंबर पर आ गया है और उसने केरल को भी पीछे छोड़ दिया है।
बीजेपी के वायरल वीडियो पर पलटवार
बीजेपी द्वारा पंजाब के फतेहगढ़ साहिब के एक स्कूल की बदहाली का वीडियो पोस्ट किए जाने पर केजरीवाल ने दावा किया कि वह वीडियो 2018 का है, जब राज्य में कांग्रेस की सरकार थी और उससे पहले अकाली-बीजेपी गठबंधन का शासन था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुराने और एडिटेड वीडियो के जरिए पंजाब के शिक्षकों, छात्रों और अभिभावकों की मेहनत को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है।








