नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने दिल्ली में सरकारी और एमसीडी अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अपनी ही सरकार के प्रशासनिक तंत्र को घेरा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमसीडी और दिल्ली सरकार के अधिकारी अपेक्षित तरीके से काम नहीं कर रहे हैं, जबकि सांसद, विधायक और पार्षद आम जनता से जुड़े काम कराने के लिए अधिकारियों के चक्कर काटने को मजबूर हैं।
विजय गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर दिल्ली की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े मुद्दों को उठाया। उन्होंने कहा कि कई बार किसी इलाके से कूड़ा उठवा दिया जाता है तो ऐसा माना जाता है जैसे कोई बहुत बड़ा काम कर दिया गया हो। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अधिकारी अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा रहे हैं तो इलाकों में कूड़ा जमा ही क्यों होता है।
नाली, सड़क और सीवर से लेकर बिजली-पानी तक सवाल
भाजपा नेता ने अपनी पोस्ट में नाली, खड़ंजा, सड़क, सीवर, बिजली और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का भी जिक्र किया। उनका आरोप है कि इन समस्याओं के समाधान के लिए चुने हुए जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के सामने बार-बार अपनी बात रखनी पड़ती है। इसके बावजूद कई मामलों में समय पर काम नहीं होता।
गोयल ने सवाल उठाया कि जब सांसद, विधायक और पार्षदों को ही अपने क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के पीछे भागना पड़ रहा है, तो आम जनता की शिकायतों की सुनवाई किस तरह होगी। उनके बयान ने दिल्ली के प्रशासनिक कामकाज और अधिकारियों की जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है।
अपनी ही सरकार पर सवाल उठाने से चर्चा तेज
विजय गोयल का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दिल्ली सरकार और एमसीडी दोनों पर फिलहाल भाजपा का नियंत्रण है। ऐसे में भाजपा के वरिष्ठ नेता की ओर से अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
वहीं, विजय गोयल के बयान पर आम आदमी पार्टी की ओर से भी प्रतिक्रिया सामने आई है। AAP ने उनके पुराने बयानों का हवाला देते हुए भाजपा पर पलटवार किया और दिल्ली की मौजूदा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए।
इस बीच मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली की बुनियादी समस्याओं के समाधान को लेकर सरकार की ओर से किए जा रहे कामों का उल्लेख किया है। उन्होंने सीवेज और पानी की व्यवस्था को लेकर कई परियोजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दिल्ली की वर्षों पुरानी समस्याओं के समाधान की दिशा में सरकार काम कर रही है।








