रोहित शर्मा के संन्यास की अफवाहों पर भड़के फैंस, युवराज सिंह बोले— ‘रोहित-विराट से खुलकर बात करे BCCI’

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तीसरे वनडे से पहले संन्यास की खबरों पर BCCI का कड़ा रुख

भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जाने वाले तीसरे और निर्णायक वनडे मुकाबले से ठीक पहले भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के इंटरनेशनल करियर को लेकर अटकलों का बाजार गर्म हो गया है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा था कि यह मैच रोहित शर्मा का आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला हो सकता है और चयन समिति उन्हें अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की योजनाओं में शामिल नहीं देख रही है। हालांकि, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के सचिव ने इन सभी खबरों को सिरे से खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि ये केवल निराधार अफवाहें हैं।

“वरिष्ठ खिलाड़ियों को भरोसा देना बेहद जरूरी”: युवराज सिंह

रोहित शर्मा और विराट कोहली के भविष्य पर चल रही इस लगातार खींचतान के बीच पूर्व दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं को अहम सलाह दी है। युवराज का मानना है कि इस तरह की अफवाहों और भ्रम की स्थिति को खत्म करने के लिए बीसीसीआई को दोनों सीनियर खिलाड़ियों के साथ पूरी पारदर्शिता से बात करनी चाहिए।

  • रोहित-विराट से हो सीधी बात: युवराज सिंह ने कहा, “अगर मैनेजमेंट चाहता है कि रोहित और विराट अगले वनडे वर्ल्ड कप का हिस्सा बनें, तो उन्हें अभी से साफ शब्दों में यह भरोसा दे देना चाहिए ताकि वे बिना किसी दबाव के खुलकर खेल सकें।”

  • फॉर्म और उम्र का दबाव: उन्होंने कहा कि जब भी कोई सीनियर खिलाड़ी एक-दो पारियों में रन नहीं बनाता, तो उसकी उम्र और फॉर्म पर सवाल उठने लगते हैं और मीडिया में तरह-तरह की खबरें चलने लगती हैं। ऐसे समय में बोर्ड का समर्थन खिलाड़ी के लिए सबसे बड़ा सहारा होता है।

अनुभव और युवा जोश का संतुलन ही दिलाएगा ट्रॉफी

2011 विश्व कप के ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ रहे युवराज सिंह ने टीम कॉम्बिनेशन पर जोर देते हुए कहा कि कोई भी बड़ी आईसीसी (ICC) ट्रॉफी केवल युवाओं के दम पर या सिर्फ बुजुर्ग खिलाड़ियों के भरोसे नहीं जीती जा सकती। विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट्स जीतने के लिए अनुभवी सीनियर खिलाड़ियों और ऊर्जावान युवाओं का सही तालमेल होना बेहद जरूरी है।

“कड़ा फैसला भी हो तो ईमानदारी से बताएं” युवराज सिंह ने यह भी कहा कि अगर टीम मैनेजमेंट का प्लान कुछ अलग है और वे भविष्य की ओर देख रहे हैं, तब भी खिलाड़ियों से सीधा संवाद होना चाहिए। शुरुआत में यह बात थोड़ी सख्त लग सकती है, लेकिन बाद में खिलाड़ी इस ईमानदारी की कद्र ही करता है।

फिलहाल भारत-इंग्लैंड के तीसरे वनडे से पहले सभी प्रशंसकों की नजरें मैदान पर भारतीय टीम के प्रदर्शन और आने वाले दिनों में सीनियर खिलाड़ियों के भविष्य पर चयन समिति के आधिकारिक रुख पर टिकी हुई हैं।

Kinni Times
Author: Kinni Times