धारा 163 लागू; बैरिकेड तोड़ने पर रैपिड एक्शन फोर्स ने संभाला मोर्चा
दिल्ली के जंतर-मंतर से संसद की ओर कूच करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच सोमवार को जमकर हंगामा और तीखी झड़प देखने को मिली। सुरक्षाबल के जवानों ने जब प्रदर्शनकारियों को बैरिकेड्स पर रोकने की कोशिश की, तो स्थिति बेकाबू हो गई। प्रदर्शनकारियों द्वारा जबरन आगे बढ़ने पर पुलिस और रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) ने लाठीचार्ज कर भीड़ को तितर-बितर किया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पुलिसकर्मी प्रदर्शनकारियों पर लाठियां बरसाते दिख रहे हैं। मौके पर धक्का-मुक्की और पथराव की भी खबरें सामने आई हैं, जिसके बाद पूरे नई दिल्ली इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है।
दिल्ली पुलिस का रुख: संसद मार्च की नहीं थी अनुमति
इस पूरे घटनाक्रम पर दिल्ली पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों को संसद भवन तक मार्च निकालने की कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं दी गई थी। पुलिस प्रशासन के मुताबिक:
पूरे नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू है।
नियम के तहत प्रदर्शनकारियों को केवल जंतर-मंतर के निर्धारित स्थान पर ही शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की इजाजत है, संसद की ओर बढ़ना गैर-कानूनी है।
विपक्षी नेताओं के आश्वासन पर AISA कार्यकर्ताओं ने तोड़ा अनशन
दूसरी ओर, जंतर-मंतर पर पिछले 23 दिनों से लगातार भूख हड़ताल पर बैठे ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के तीन कार्यकर्ताओं ने सोमवार को अपना अनशन समाप्त कर दिया। विपक्षी दलों के वरिष्ठ नेताओं और नागरिक संगठनों की भावुक अपील तथा आश्वासन के बाद उन्होंने अन्न-जल ग्रहण किया।
संसद में उठेगी मांग: विपक्षी नेताओं और संगठनों ने अनशनकारियों को भरोसा दिलाया है कि उनकी मांगों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को संसद के आगामी मानसून सत्र के दौरान पुरजोर तरीके से उठाया जाएगा।
फिलहाल जंतर-मंतर और संसद भवन की ओर जाने वाले सभी रास्तों पर भारी संख्या में पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है, और स्थिति पर ड्रोन व सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।








