संसद का मानसून सत्र आज, 20 जुलाई से शुरू हो रहा है। यह सत्र 13 अगस्त तक चलेगा और इस दौरान कुल 19 बैठकें आयोजित होंगी। सत्र के पहले दिन से ही सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल सकती है, क्योंकि विपक्ष कई अहम मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।
सत्र शुरू होने से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्षी दलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी, नीट पेपर लीक, एथनॉल नीति, महिला आरक्षण, परिसीमन और मणिपुर की स्थिति जैसे मुद्दों पर संसद में चर्चा की मांग उठाई। वहीं सरकार ने सभी दलों से सदन को सुचारु रूप से चलाने में सहयोग की अपील की।
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक के दौरान तृणमूल कांग्रेस के बागी सांसदों को बुलाए जाने को लेकर विपक्ष ने आपत्ति जताई और कुछ समय के लिए बैठक का बहिष्कार भी किया। बाद में सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने के बाद विपक्षी दल बैठक में वापस शामिल हो गए।
इस बीच कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की स्वतंत्र जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सरकार ने संकेत दिए हैं कि मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे। इनमें विदेशी योगदान (नियमन) संशोधन विधेयक और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक शामिल हैं। हालांकि महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर सरकार ने अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है।
सत्र शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित कर सकते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में संसद के भीतर कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर तीखी बहस और राजनीतिक टकराव देखने को मिलेगा।
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