नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर चल रहा काकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन सोमवार को नए चरण में पहुंच गया है। संसद के मानसून सत्र के पहले दिन CJP ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का आह्वान किया है। इस प्रदर्शन को कई वामपंथी छात्र संगठनों और विपक्षी दलों का भी समर्थन मिल रहा है।
रविवार देर रात तक जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में छात्र, युवा और समर्थक डटे रहे। दिल्ली के अलावा कई अन्य राज्यों से भी लोग प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे। सोशल मीडिया के जरिए अधिक से अधिक लोगों से संसद मार्च में शामिल होने की अपील की गई।
बताया जा रहा है कि सोनम वांगचुक के अस्पताल में भर्ती होने के बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अनशन की जिम्मेदारी संभाल ली है। उन्होंने समर्थकों से रातभर जंतर-मंतर पर रुकने और सोमवार को संसद मार्च में शामिल होने की अपील की।
इस आंदोलन को स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF), बापसा समेत कई छात्र संगठनों का समर्थन मिल रहा है। वहीं आम आदमी पार्टी, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी प्रदर्शनकारियों के समर्थन में नजर आए।
उमस और गर्मी के बावजूद प्रदर्शन स्थल पर भीड़ लगातार बढ़ती रही। कई लोगों की तबीयत बिगड़ने और बेहोश होने की खबरें भी सामने आईं। राहत के लिए प्रदर्शन स्थल पर पानी और भोजन की व्यवस्था की गई।
अब सभी की नजर इस बात पर है कि संसद के मानसून सत्र के पहले दिन होने वाला यह मार्च किस तरह आगे बढ़ता है और सरकार की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।








