उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के चर्चित माखी रेप मामले की पीड़िता ने एक बार फिर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देश की न्यायपालिका को संबोधित एक भावुक पत्र लिखकर अपने परिवार की पीड़ा बयां की है। पत्र में उन्होंने कहा कि यदि उनके हिस्से में न्याय नहीं लिखा है, तो उन्हें और उनके परिवार को एक साथ मृत्यु दे दी जाए, क्योंकि हर दिन अपमान, भय और अन्याय के बीच जीना किसी भी मौत से अधिक कष्टदायक है।
पीड़िता ने पत्र में लिखा कि वह वही उन्नाव रेप पीड़िता हैं, जिनके साथ हुए जघन्य अपराध ने सिर्फ उनकी अस्मिता ही नहीं छीनी, बल्कि पूरे परिवार की जिंदगी बर्बाद कर दी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद उनके परिवार को लगातार प्रताड़ना झेलनी पड़ी और न्याय की लड़ाई लड़ने की भारी कीमत चुकानी पड़ी।
पत्र में पीड़िता ने अपने पिता की मौत का भी जिक्र किया। उन्होंने लिखा कि उनके पिता की हत्या कर दी गई थी। वहीं, उनकी चाची, जो इस मामले में परिवार की ओर से कानूनी लड़ाई लड़ रही थीं, एक सड़क दुर्घटना में जान गंवा बैठीं। पीड़िता का कहना है कि उनका परिवार शुरू से ही इस हादसे को संदिग्ध मानता रहा है।
पीड़िता ने कहा कि वर्षों से चल रही इस लड़ाई ने उनके परिवार को आर्थिक, मानसिक, सामाजिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह तोड़ दिया है। उनका कहना है कि इतनी घटनाओं के बाद भी उन्हें आज तक पूरी तरह न्याय और सुरक्षा का अहसास नहीं हो सका है।
अपने पत्र के जरिए पीड़िता ने सरकार और न्यायपालिका से अपील की है कि उनके परिवार को न्याय दिलाया जाए, ताकि उन्हें सम्मान और सुरक्षित जीवन जीने का अधिकार मिल सके।








