भोजशाला विवाद में नया मोड़! वैकल्पिक जगह पर नमाज से मुस्लिम पक्ष का इनकार

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मध्य प्रदेश के ऐतिहासिक और संवेदनशील धार भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देशों के बाद भी गतिरोध थमता नजर नहीं आ रहा है। सर्वोच्च अदालत के आदेश के पालन में स्थानीय प्रशासन ने जुमे (शुक्रवार) की नमाज के लिए जिस वैकल्पिक स्थान को चिन्हित किया था, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने वहां नमाज अदा करने से साफ इनकार कर दिया है।

प्रशासन की तैयारी और मुस्लिम पक्ष की असंतुष्टि
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हाईकोर्ट के फैसले पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार करते हुए, राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वह मुख्य परिसर से सटे किसी खुले स्थान पर मुस्लिम पक्ष के लिए जुमे की नमाज की वैकल्पिक व्यवस्था करे। इस आदेश के तहत धार जिला प्रशासन ने मुख्य भोजशाला परिसर से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित ’40 पीर’ के पास नमाज के लिए जगह तय की थी। हालांकि, मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधि और स्थानीय लोग इस चिन्हित की गई जमीन से बिल्कुल संतुष्ट नजर नहीं आए। उनका कहना है कि यह जगह कोर्ट के निर्देशों की भावना के अनुरूप मुख्य परिसर के पास नहीं है और दूरी अधिक होने के कारण वे इस तयशुदा जमीन पर नमाज नहीं पढ़ेंगे।

क्या है पूरा विवाद?
मालूम हो कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ऐतिहासिक साक्ष्यों और एएसआई (ASI) की सर्वे रिपोर्ट के आधार पर भोजशाला परिसर को वाग्देवी (मां सरस्वती) का प्राचीन मंदिर घोषित किया है। इसी के साथ कोर्ट ने साल 2003 से चली आ रही उस व्यवस्था को रद्द कर दिया था, जिसके तहत हिंदुओं को मंगलवार को पूजा और मुस्लिमों को शुक्रवार को वहां नमाज पढ़ने की अनुमति थी।

Kinni Times
Author: Kinni Times