मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले देश के वीर सपूतों को हिंदुस्तान कभी नहीं भूलता। पिछले साल 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम में हुए कायरतापूर्ण आतंकी हमले के बाद, भारतीय सेना ने सीमा पार बैठे दुश्मनों को सबक सिखाने के लिए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाया था। इस बेहद गुप्त और आक्रामक ऑपरेशन में सेना के जिन 6 वीर जवानों ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी, अब उन्हें वो सर्वोच्च सम्मान मिलने जा रहा है जिसके वे हकदार हैं। इन सभी 6 अमर शहीदों के नाम अब देश की राजधानी नई दिल्ली में स्थित नेशनल वॉर मेमोरियल (राष्ट्रीय समर स्मारक) की दीवारों पर हमेशा-हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज किए जाएंगे।
क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’?
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के मशहूर पर्यटन स्थल पहलगाम में आतंकवादियों ने एक कायराना हमला किया था। इस हमले के फौरन बाद भारतीय सेना ने दुश्मनों को उनके घर में घुसकर मारने की रणनीति तैयार की। सेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ लॉन्च किया, जिसके तहत न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय आतंकवादियों के लॉन्च पैड्स और ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया गया। इस ऑपरेशन में सेना ने आतंकियों के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया था, लेकिन इस भीषण कार्रवाई के दौरान भारत मां के 6 जांबाज सपूत वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
अमर शहीदों को देश का नमन
सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, वेबसाइट पर नाम सार्वजनिक होने के बाद अब शहीदों के परिवारों और देश की जनता को इस बात का संतोष है कि इन वीरों का बलिदान इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए अमर हो गया है। नेशनल वॉर मेमोरियल पर हर साल लाखों लोग वीरों को श्रद्धांजलि देने पहुंचते हैं, और अब वहां आने वाला हर भारतीय ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के इन महानायकों के आगे शीश नवा सकेगा। देश अपने इन वीर जवानों की शहादत को सलाम करता है।








