वेनेजुएला में आए विनाशकारी भूकंप के करीब 30 घंटे बीत जाने के बाद भी तबाही के मंजर के बीच जिंदगी को तलाशने की जद्दोजहद लगातार जारी है। चारों तरफ जमींदोज हो चुकी गगनचुंबी इमारतों और मलबे के ढेर के बीच रेस्क्यू टीमें बिना थके, पल-पल की कीमत समझते हुए राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इस खौफनाक त्रासदी के बीच मलबे के नीचे से जिंदगी के मुस्कुराने की एक ऐसी हैरान कर देने वाली कहानी सामने आई है, जिसने रेस्क्यू टीम के साथ-साथ पूरी दुनिया की आंखों को नम कर दिया है।
कंक्रीट और छत काटकर निकाली गई जान
भूकंप के झटकों से ढह चुकी एक बहुमंजिला इमारत के मलबे में पिछले 30 घंटों से एक चीनी मूल की महिला दबी हुई थी। भारी कंक्रीट के स्लैब और लोहे के सरियों के बीच फंसी इस महिला तक पहुंचना बचावकर्मियों के लिए एक बेहद चुनौतीपूर्ण टास्क था। लेकिन उम्मीद का दामन थामे रेस्क्यू टीम ने आधुनिक कटर मशीनों की मदद से धीरे-धीरे कंक्रीट के बड़े हिस्से और छत को काटना शुरू किया। घंटों की बेहद सावधानी भरी मशक्कत के बाद आखिरकार बचावकर्मियों को उस जगह तक पहुंचने में कामयाबी मिली, जहां वह महिला जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी।
बाहर आते ही कहा- ‘आप सभी का धन्यवाद!’
जैसे ही बचावकर्मियों ने उस चीनी महिला को मलबे के उस अंधेरे कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला, वहां मौजूद हर शख्स की सांसें थमी हुई थीं। धूल से सने चेहरे और खौफ के साए से बाहर आते ही उस महिला ने स्ट्रेचर पर लेटते हुए सामने खड़े राहतकर्मियों की ओर देखा और बेहद धीमी लेकिन अटूट आवाज में सिर्फ इतना कहा, ‘आप सभी का धन्यवाद!’








