जन सुराज पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर (PK) ने बिहार की राजनीति में एक बार फिर गर्माहट पैदा कर दी है। बुधवार को प्रशांत किशोर दिवंगत भरत तिवारी के पैतृक गांव बिलौटी पहुंचे, जहां उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान स्थानीय लोगों और मीडिया को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के खिलाफ तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में एलान किया कि अगर 15 दिनों के भीतर पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो वे सीधे सम्राट चौधरी के घर का घेराव करेंगे.बिलौटी गांव में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रशांत किशोर ने कहा, “अगर 15 दिन के अंदर इनको न्याय नहीं मिला तो हम लोग सम्राट चौधरी से मिलने उनके घर जाएंगे और जरूरत पड़ी तो उनका घेराव भी करेंगे।” पीके ने वहां मौजूद नेताओं और स्थानीय लोगों को ललकारते हुए कहा कि जो लोग भी यहां सांत्वना देने आ रहे हैं, अगर वे सही मायने में इस परिवार के साथ हैं, तो उन्हें इस लड़ाई में आगे आना होगा।
लोग वहीं उनके घर के बाहर धरने पर भी बैठेंगे
प्रशांत किशोर ने आगे की रणनीति साफ करते हुए जनता से सीधा आह्वान किया। उन्होंने कहा, “सम्राट चौधरी से बात करने के लिए जब हम इनको (पीड़ित परिवार को) लेकर चलेंगे, तो आप लोग भी हमारे साथ चलें। अगर मुख्यमंत्री हमसे नहीं मिले या बात नहीं बनी, तो हम लोग वहीं उनके घर के बाहर धरने पर भी बैठेंगे। बिहार में कानून-व्यवस्था और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर जन सुराज लगातार मुखर रहा है। लेकिन इस बार प्रशांत किशोर ने सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को निशाने पर लेकर सूबे की सियासत को और गरमा दिया है। पीके के इस ’15 दिनों के अल्टीमेटम’ और ‘घेराव’ की चेतावनी के बाद अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और सत्ताधारी दल की तरफ से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।








