दक्षिणी दिल्ली के सुल्तापुर फार्महाउस क्षेत्र में अवैध बोरिंग को लेकर गंभीर मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार फॉर्म नंबर-9, प्रगति मार्ग, सुल्तापुर फार्महाउस में कथित रूप से जुगाड़ मशीन के जरिए बोरिंग का काम किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस बोरिंग कार्य के लिए न तो कोई वैध लाइसेंस है, न इंश्योरेंस और न ही प्रदूषण से संबंधित आवश्यक अनुमति ली गई है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि फर्जी परमिशन के आधार पर यह बोरिंग कराई जा रही है और इसमें कुछ अधिकारियों की मिलीभगत भी बताई जा रही है। आरोपों के अनुसार तहसीलदार अजय शर्मा, ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर तनुज भनोट और थाना अध्यक्ष फतेहपुर बेरी पर मोटी रिश्वत लेकर इस कार्य को संरक्षण देने के आरोप लगाए जा रहे हैं।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेशों के उल्लंघन से भी जुड़ा है, क्योंकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में अनधिकृत भूजल दोहन और बोरिंग पर सख्त नियम लागू हैं। इसके बावजूद कथित रूप से जुगाड़ मशीनों से बोरिंग का काम जारी है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि छोटे-छोटे टुकड़ों में कई जगह बोरिंग कराई जा रही है। लोगों का यह भी कहना है कि यदि इस तरह से लगातार परमिशन दी जाती रही तो क्षेत्र में ग्राउंड वाटर लेवल और अधिक नीचे चला जाएगा, जो पहले ही काफी गिर चुका है।
आरोप यह भी लगाए जा रहे हैं कि पिछले दो महीनों में करीब 100 के आसपास बोरिंग की परमिशन NGT की गाइडलाइंस के उल्लंघन में दी गई हैं। वहीं बोरिंग करने वाले लोगों का कहना है कि उनके पास परमिशन मौजूद है, हालांकि स्थानीय लोग इस परमिशन को फर्जी बता रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार शिकायत करने के बावजूद अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों ने मांग की है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यह मामला थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र का बताया जा रहा है और अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कदम उठाते हैं।








