संसद से पास हुआ ‘वंदे मातरम् बिल’! अब अपमान करने पर होगी सख्त कार्रवाई

SHARE:

संसद के मानसून सत्र के दौरान भारतीय संसद ने एक ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधायी कदम उठाते हुए ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026’—जिसे आम भाषा में ‘वंदे मातरम् बिल’ कहा जा रहा है—को अपनी मंजूरी दे दी है। 29 जुलाई को उच्च सदन यानी राज्यसभा से पारित होने के बाद 30 जुलाई को लोकसभा ने भी हंगामे और चर्चा के बीच इस विधेयक को पास कर दिया। संसद के दोनों सदनों से हरी झंडी मिलने के बाद अब यह बिल अंतिम स्वीकृति के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पास भेजा जाएगा। राष्ट्रपति के हस्ताक्षर और आधिकारिक राजपत्र (Gazette) में अधिसूचना जारी होते ही यह कानून पूरे देश में प्रभावी हो जाएगा।

यह नया कानून दरअसल ‘राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971’

(Prevention of Insults to National Honour Act, 1971) में संशोधन करता है। अब तक बने मूल कानून के तहत केवल राष्ट्रध्वज, भारत के संविधान और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के अपमान को ही दंडनीय अपराध माना जाता था। हालाँकि, 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा की अंतिम बैठक में तत्कालीन अध्यक्ष डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट कहा था कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित ‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान ही ऐतिहासिक दर्जा और सम्मान प्राप्त होगा। लेकिन 1971 के कानून में कानूनी संरक्षण न होने के कारण यह कमी बनी हुई थी, जिसे इस संशोधन के ज़रिए दूर कर दिया गया है।

Kinni Times
Author: Kinni Times