मिडिल ईस्ट में बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब वैश्विक बाजारों और आम लोगों पर भी दिखने लगा है। ईरान से जुड़े हालिया घटनाक्रमों के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तेज़ी से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
इस बीच बहरीन में ड्रोन हमले की खबर सामने आई है, जिसमें कई आम नागरिक घायल हो गए और कुछ घरों को नुकसान पहुंचा। वहीं सऊदी अरब के शायबा ऑयलफील्ड की ओर बढ़ रहे एक ड्रोन को सुरक्षा बलों ने समय रहते मार गिराया।
UAE के ऑयल इंडस्ट्री जोन में भी मलबा गिरने से आग लगने की घटना सामने आई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बढ़ते तनाव के बीच UAE के राष्ट्रपति ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से फोन पर बातचीत कर क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा की।
ईरान की राजनीति में भी बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर बनाए जाने का फैसला किया गया है। वहीं ईरान की संसद के स्पीकर ने चेतावनी दी है कि अगर उन पर हमला हुआ तो वे तुरंत और कड़ा जवाब देंगे।
युद्ध के हालात के बीच ईरान संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है। इसका असर हवाई सेवाओं पर भी पड़ा है और भारतीय एयरलाइंस ने 279 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं।
दूसरी ओर रूस के कामचटका क्षेत्र के पूर्वी तट पर 6 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। भारत में भी एक बड़ी सड़क दुर्घटना सामने आई, जहां हरिद्वार-देहरादून हाईवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं और कुछ वाहनों में आग लग गई।
कुल मिलाकर मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव ने वैश्विक सुरक्षा, तेल बाजार और हवाई सेवाओं पर बड़ा असर डालना शुरू कर दिया है।






