Pakistan और Afghanistan के बीच तनाव अब खुले सैन्य टकराव में बदलता नजर आ रहा है। 27 फरवरी 2026 की रात पाकिस्तान एयर फोर्स ने ‘ऑपरेशन गजब लिल हक’ के तहत अफगानिस्तान में तालिबान के कई ठिकानों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए।
पाकिस्तानी दावों के मुताबिक इन हमलों में 72 से अधिक तालिबानी लड़ाके मारे गए, जबकि बाद में यह संख्या 133 तक बताई गई और 200 से ज्यादा के घायल होने का दावा किया गया। काबुल में दो ब्रिगेड मुख्यालय पूरी तरह नष्ट किए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा कंधार और पक्तिया प्रांत में कोर हेडक्वार्टर, ब्रिगेड मुख्यालय, गोला-बारूद डिपो और लॉजिस्टिक बेस को निशाना बनाने का दावा किया गया है।
पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई अफगान तालिबान की ओर से सीमा पर किए गए “बिना उकसावे” हमलों के जवाब में की गई है। तालिबान ने दावा किया था कि उसने 19 से ज्यादा पाकिस्तानी चौकियों पर कब्जा किया और 55 पाकिस्तानी सैनिकों को मार गिराया। पाकिस्तान ने इन दावों को आक्रामक कार्रवाई बताते हुए जवाबी हमले किए।
पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर कहा कि हमले “सटीक और प्रभावी” रहे और उनका मकसद तालिबान की सैन्य क्षमता को कमजोर करना था।
वहीं तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने काबुल, कंधार और पक्तिया में हमलों की पुष्टि करते हुए इन्हें “कायरतापूर्ण” करार दिया। उनका दावा है कि बड़ा नुकसान नहीं हुआ और जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अफगान पक्ष ने इसे पाकिस्तान की “निरंतर आक्रामकता” बताया है।
दोनों देशों के बीच हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और सीमा क्षेत्रों में सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं। क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता भी बढ़ती जा रही है।






