करोड़ों रुपये रिश्वत लेकर अवैध बोरिंग का महा घोटाला, CBI जांच की मांग

SHARE:

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में अवैध बोरिंग/ट्यूबवेल को लेकर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले का मामला सामने आया है। माननीय अध्यक्ष याचिका समिति, संसद, नई दिल्ली सहित देश के शीर्ष संवैधानिक पदाधिकारियों को एक आपराधिक शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की जांच Central Bureau of Investigation (एंटी करप्शन ब्रांच) से कराने की मांग की गई है।

किन-किन को भेजी गई शिकायत

शिकायत की प्रतिलिपि निम्न अधिकारियों को भेजी गई है—

  • माननीय प्रधानमंत्री, भारत सरकार
  • माननीय गृहमंत्री, भारत सरकार
  • निदेशक, Central Bureau of Investigation (एंटी करप्शन ब्रांच), लोधी रोड, नई दिल्ली
  • अध्यक्ष, Delhi Jal Board, करोल बाग
  • डिविजनल कमिश्नर, दिल्ली
  • निदेशक, पंचायत विभाग, तीस हजारी
  • उपराज्यपाल, राज निवास दिल्ली
  • मुख्य सचिव, दिल्ली सरकार
  • जॉइंट कमिश्नर, एंटी करप्शन ब्रांच, दिल्ली
  • डीसी साउथ (रेवेन्यू), साकेत
  • एसडीएम, महरौली
  • डीसीपी साउथ वेस्ट
  • एसीपी, वसंत कुंज साउथ
  • डीसीपी साउथ, हौज खास

मामला क्या है?

शिकायत के अनुसार, सूर्या फार्म, थापर स्कीम, नर्सरी के पास, 10th एवेन्यू, वसंत कुंज साउथ, नई दिल्ली क्षेत्र में ट्रैक्टर मशीनों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अवैध बोरिंग/ट्यूबवेल कराए जा रहे हैं। आरोप है कि बिना वैध अनुमति के यह कार्य लगातार जारी है।

आरोपों का विवरण

1. बिना किसी वैध अनुमति के अवैध बोरिंग/ट्यूबवेल कराए जा रहे हैं।

2. प्रति बोरिंग लगभग 25 लाख रुपये रिश्वत लेकर फर्जी परमिशन जारी की गई।

3. थाना वसंत कुंज साउथ, महरौली, फतेहपुर बेरी और मैदान गढ़ी क्षेत्रों में 100 से अधिक अवैध बोरिंग कराए जाने का आरोप।

4. यह पूरा कार्य National Green Tribunal (NGT) की गाइडलाइंस का गंभीर उल्लंघन बताया गया है।

5. पूरे मामले में करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार और संगठित रिश्वत तंत्र की आशंका जताई गई है।

 

किन अधिकारियों पर संदेह?

शिकायत में प्राथमिक जानकारी के आधार पर कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के नामों का उल्लेख किया गया है, जिनमें—

  • लक्ष्य सिंह, डिप्टी कमिश्नर (साउथ रेवेन्यू)8101055 0440 जो करोड़ों रुपए घोटाले का मास्टरमाइंड तथा किंगपिन है जो अपने छोटे अधिकारियों का इस्तेमाल करता है
  • दीपक (रीडर, डीसी रेवेन्यू साउथ) एमबी रोड साकेत रिश्वत उगाने का कैशियर सर रिश्वत का पैसा आकार अपने बॉस डीसी को देता है सर लेनदेन इसी के हाथ से होता है 9560054110
  • पीयूष कुमार (एसडीएम, साकेत) 8960621358
  • आशीष (तहसीलदार, साकेत))9899032215 जो रियासत सोनू के साथ फार्म हाउस में बोरिंग बात कर आता है तथा पैसे रिश्वत के लेता है कहता है कि मैं तो केवल और केवल पैसे कमाने के लिए तहसीलदार साकेत लगा हूं तथा जांच एजेंसियां सब मेरी जेब में रहती है
  • संजीव (पटवारी, साकेत) 8130830290
  • तनुज भनोट (ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर, साउथ) ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर तनुजभनोट की फर्जी मोहर बनाकर फर्जी दस्तक कर जाते हैं और 12 बोरिंग की परमिशन दे दी जाती है एक फर्जी परमिशन की आड़ में करीब 4 से 5 बोरिंग अड़ोस पड़ोस में कर दिए जाते हैं जिनकी देखभाल संजीव पटवारी की सुपरविजन में काम होता है
  • इन पर फर्जी परमिशन जारी करने, अवैध वसूली, ट्रांसफर-पोस्टिंग में प्रभाव का उपयोग करने और अवैध बोरिंग को संरक्षण देने के आरोप लगाए गए हैं। संबंधित थानों के थाना अध्यक्षों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।

‘जल माफिया’ का नेटवर्क

शिकायत में रियासत उर्फ सोनू नामक व्यक्ति को तथाकथित “जल माफिया” बताते हुए आरोप लगाया गया है कि उसने पिछले दो वर्षों में दक्षिण और दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के कई थाना क्षेत्रों में लगभग 500 अवैध बोरिंग कराए। आरोप है कि प्रति बोरिंग 25 से 50 लाख रुपये वसूले जाते हैं और इसमें कथित रूप से पुलिस-प्रशासनिक मिलीभगत शामिल है।

शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि संबंधित व्यक्ति ने कम समय में भारी चल-अचल संपत्ति अर्जित की है और उसकी आय के स्रोतों की जांच आयकर विभाग और CBI से कराए जाने की मांग की गई है।

कानूनी पहलू

शिकायत में निम्न कानूनों के उल्लंघन का आरोप लगाया गया है—

  • भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988
  • पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986
  • भूजल दोहन एवं अवैध ट्यूबवेल संबंधी नियम
  • सरकारी पद के दुरुपयोग के प्रावधान

प्रमुख मांगें

शिकायत में निम्न मांगें की गई हैं—
भूमाफिया  सोनू रियासत के मोबाइल फोन तथा उपरोक्त पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल कॉल लोकेशन सीडीआर निकालकर जांच करी जाए सारे घोटाले का पर्दाफाश अपने आप सामने आ जाएगा

1. पूरे मामले की जांच Central Bureau of Investigation (एंटी करप्शन ब्रांच) से कराई जाए।

2. भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत FIR दर्ज की जाए।

3. सभी अवैध बोरिंग/ट्यूबवेल तत्काल सील किए जाएं।

4. फर्जी परमिशन जारी करने वाले अधिकारियों को निलंबित किया जाए।

5. शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखकर सुरक्षा प्रदान की जाए।

6. CBI और आयकर विभाग की संयुक्त टीम बनाकर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की जांच की जाए।

7. संबंधित मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच कर कथित नेटवर्क का खुलासा किया जाए।

8. संसद की याचिका समिति से भी मामले की जांच कराने की मांग की गई है।

 

गंभीर पर्यावरणीय चिंता

शिकायत में यह भी कहा गया है कि फार्म हाउस मालिक कथित रूप से स्विमिंग पूल, कोठी-बंगले और निजी उपयोग के लिए अवैध बोरिंग करा रहे हैं, जबकि आम जनता पानी की कमी से जूझ रही है। इसे भूजल संकट और पर्यावरणीय अपराध से जुड़ा गंभीर मामला बताया गया है।

फिलहाल संबंधित विभागों या अधिकारियों की ओर से इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला राजधानी में अब तक के सबसे बड़े भूजल एवं रिश्वत घोटालों में से एक साबित हो सकता है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *