भारत और चीन के बीच ऐतिहासिक नाथुला दर्रे के जरिए होने वाला सीमा व्यापार छह साल के लंबे अंतराल के बाद आधिकारिक रूप से एक बार फिर से शुरू हो गया है. वर्ष 2020 में कोविड-19 महामारी और सीमा पर उपजे तनाव के कारण इस पारंपरिक व्यापार मार्ग को निलंबित कर दिया गया था. सिक्किम के पूर्वी जिले में स्थित नो-मैन्स लैंड पर दोनों देशों के अधिकारियों और व्यापारियों ने एक-दूसरे का स्वागत किया तथा उपहारों का आदान-प्रदान कर 2026 के व्यापार सत्र का औपचारिक उद्घाटन किया.
दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम
सिक्किम के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री टीटी भूटिया (छिरिंग थेंडुप भूटिया) ने शेराथांग स्थित ट्रेड मार्ट परिसर में इस सीमा व्यापार की औपचारिक बहाली का शुभारंभ किया. इस दौरान सिक्किम सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, गंगटोक के प्रशासनिक अधिकारी और व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल मौजूद रहे. उद्घाटन समारोह के अवसर पर अधिकारियों ने पात्र स्थानीय व्यापारियों को ट्रेड पास वितरित किए. मंत्री टीटी भूटिया ने इस अवसर पर कहा कि पिछले वर्ष सिक्किम मार्ग से कैलाश मानसरोवर यात्रा के फिर से शुरू होने के बाद भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में सुधार देखा गया है, और नाथुला सीमा व्यापार का फिर से खुलना उसी दिशा में एक बेहद सकारात्मक कदम है.
व्यापार करने की अनुमति दी गई
लगभग 14,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नाथुला दर्रा भारत के सिक्किम को चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र से जोड़ता है. इस व्यापार मार्ग की बहाली से विशेष रूप से सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले नागरिकों को अत्यधिक लाभ पहुंचेगा, जहां आजीविका और व्यापार के साधन सीमित हैं. अधिकारियों के अनुसार, इस नए व्यापार सत्र में 38 स्थानीय व्यापारियों को व्यापार करने की अनुमति दी गई है. यह व्यापार हर सप्ताह सोमवार से गुरुवार तक संचालित होगा. सिक्किम के जैविक उत्पादों, हस्तशिल्प और हथकरघा सामानों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है, जिससे स्थानीय युवाओं और परिवहन संचालकों को भी रोजगार के नए अवसर मिलेंगे.







