अगर आप आने वाले त्योहारों को ध्यान में रखकर अपने घर की खरीदारी और मासिक बजट की तैयारी कर रहे हैं, तो यह खबर आपकी जेब पर भारी पड़ सकती है. देश की कई बड़ी कंज्यूमर गुड्स (FMCG), ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनियां अपने प्रोडक्ट्स की कीमतें बढ़ाने जा रही हैं. अगस्त महीने से ही रोजमर्रा के इस्तेमाल में आने वाली चीजों जैसे नहाने का साबुन, कपड़े धोने का डिटर्जेंट, बर्तन धोने का बार, नमक, पैकेज्ड फूड, पेंट और गाड़ियों के टायर महंगे होने वाले हैं. कंपनियों का कहना है कि लंबे समय से कच्चे माल और ईंधन की लागत में हो रही बढ़ोतरी के कारण अब दाम बढ़ाना उनकी मजबूरी बन गया है.
कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी
दामों में इस बढ़ोतरी की सबसे बड़ी वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे माल की बढ़ती कीमतें और परिवहन लागत में आया उछाल है. पाम ऑयल, क्रूड ऑयल डेरिवेटिव्स और पैकेजिंग मटेरियल की कीमतें पिछले कुछ महीनों में तेजी से बढ़ी हैं. कंपनियों के मुताबिक, उन्होंने अब तक बढ़ी हुई लागत का बोझ खुद उठाकर ग्राहकों को राहत देने की कोशिश की, लेकिन अब अपने प्रॉफिट मार्जिन को बचाए रखने के लिए कीमतों में संशोधन करना बेहद जरूरी हो गया है.
कीमतों के बावजूद खरीदारी जारी रखेंगे
देश में अगस्त से शुरू होकर दिवाली तक चलने वाले त्योहारों के दौरान आमतौर पर हर परिवार का घरेलू खर्च सामान्य दिनों से काफी ज्यादा होता है. ऐसे समय में रोजमर्रा के सामानों के दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और निम्न-आय वर्ग के परिवारों के मासिक बजट पर सीधा असर पड़ेगा. हालांकि, कंपनियों को उम्मीद है कि त्योहारों की वजह से बाजार में मांग बनी रहेगी और लोग इन बढ़ी हुई कीमतों के बावजूद खरीदारी जारी रखेंगे.







