डेरा माडी रोड पर अवैध कटाई और निर्माण: पर्यावरण पर संकट

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दक्षिण दिल्ली के डेरा माडी रोड क्षेत्र में खेती की ज़मीन पर बड़े पैमाने पर पर्यावरणीय अपराध सामने आया है। आरोप है कि यहां करीब 200 पेड़ पहले ही काटे जा चुके हैं, जबकि 500 से अधिक पेड़ अब भी खड़े हैं, जिनकी रात के अंधेरे में चोरी-छिपे कटाई लगातार की जा रही है। यह गतिविधि न सिर्फ पर्यावरण कानूनों का उल्लंघन है, बल्कि दिल्ली जैसे प्रदूषण-ग्रस्त शहर के लिए बेहद खतरनाक संकेत भी है।

किन खसरा नंबरों पर हो रहा है अवैध काम

नक्शों में दर्ज जिन खसरा नंबरों पर यह अवैध कटाई और निर्माण कार्य किया जा रहा है, उनमें शामिल हैं:

45/21/1, 45/21/2, 45/22, 45/23, 45/18, 45/17/1, 45/17/2, 45/26, 45/24/1, 45/24/2, 45/20/1, 45/20/2,

50/26, 50/2/1, 50/2/2, 50/3, 50/27, 50/9, 50/10, 50/11, 50/12, 50/13, 50/14, 50/17, 50/19, 50/20, 50/28, 50/4/1, 50/4/2, 50/7/1, 50/7/2, 50/8/1, 50/8/2, 50/18/1, 50/18/2/1, 50/18/2/2, 50/1,

44/25/2, 44/25/10/223,

51/5, 51/6/1, 51/6/2, 51/15/1, 51/15/2,

0/223, 0/975

इनके अतिरिक्त भी इनसे जुड़े अन्य खसरों पर गतिविधियों की आशंका जताई जा रही है।

 

अग्रवाल प्रॉपर्टी डीलर पर गंभीर आरोप

स्थानीय लोगों का आरोप है कि अग्रवाल प्रॉपर्टी डीलर द्वारा खेती की ज़मीन पर पेड़ कटवाकर उसे *मिनी फार्म हाउस* में बदला जा रहा है। इसके लिए अवैध रूप से:

* पेड़ों की कटाई
* कच्ची खेती की भूमि पर पक्के निर्माण
* सड़क और चारदीवारी का निर्माण

जैसे कार्य खुलेआम किए जा रहे हैं।

पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत के आरोप

सबसे गंभीर सवाल यह है कि यह सब थाना फतेहपुर बेरी क्षेत्र में, तहसील महरौली के अंतर्गत हो रहा है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई सामने नहीं आई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब पुलिस और प्रशासन की मिलीभगत के बिना संभव नहीं है। रात में पेड़ काटे जाते हैं, मशीनें चलती हैं, लेकिन कोई रोक-टोक नहीं होती।

पर्यावरण को भारी नुकसान

पेड़ों की कटाई से:

* हवा की गुणवत्ता और खराब होगी
* भूजल स्तर पर असर पड़ेगा
* जैव विविधता को नुकसान पहुंचेगा
* तापमान में वृद्धि और प्रदूषण बढ़ेगा

दिल्ली पहले ही प्रदूषण की मार झेल रही है, ऐसे में खेती की ज़मीन पर हरियाली का खत्म होना आने वाली पीढ़ियों के लिए बड़ा खतरा है।

प्रशासन से कार्रवाई की मांग

स्थानीय निवासियों और पर्यावरण प्रेमियों की मांग है कि:
* सभी संबंधित खसरा नंबरों पर तत्काल निरीक्षण हो
* पेड़ कटाई पर तुरंत रोक लगे
* दोषी भू-माफिया और प्रॉपर्टी डीलरों पर FIR दर्ज हो
* पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच हो

यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो डेरा माडी रोड क्षेत्र में खेती की ज़मीन और हरियाली का नामोनिशान मिट सकता है।

यह मामला सिर्फ जमीन का नहीं, बल्कि दिल्ली के भविष्य और पर्यावरण की रक्षा का है।

Kinni Times
Author: Kinni Times

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